बॉम्बे हाई कोर्ट ने एडवोकेट इंदिरा व आनंद को दी अंतरिम राहत

 

 

 

 

(ब्यूरो कार्यालय)

मुंबई (साई)। सुप्रीम कोर्ट की सीनियर ऐडवोकेट इंदिरा जयसिंह और आनंद ग्रोवर को बॉम्बे हाई कोर्ट ने अंतरिम राहत दी है। विदेशी फंडिंग के नियमों के उल्लंघने के मामले में आरोपी दोनों वकीलों को राहत देते हुए हाई कोर्ट ने कहा है कि सीबीआई द्वारा इसी साल मई में दर्ज किए गए केस के तहत इन दोनों के खिलाफ कोई भी बलपूर्वक कार्रवाई नहीं की जाएगी।

आपको बता दें कि इस मामले में सीबीआई इन दोनों वकीलों के ठिकानों पर छापे भी मार चुकी है। इन आरोपों को नकारते हुए इंदिरा जयसिंह की ओर से कहा गया था कि यह बदले की कार्रवाई की जा रही है। अब इसी मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट ने दोनों वकीलों को अंतरिम राहत दी है।

विदेशी चंदे के दुरुपयोगा का है आरोप

बता दें कि सीबीआई ने इंदिरा जयसिंह और आनंद ग्रोवर पर विदेशी चंदे को भारत से बाहर भेजकर उसके दुरुपयोग का आरोप लगाया है। आरोपों के मुताबिक, इंदिरा जयसिंह जब 2009 से 2014 के बीच अडिशनल सॉलिसिटर जनरल थीं तो उस दौरान उनके एनजीओ ने विदेशी चंदे से जुड़े कानून का उल्लंघन किया। सीबीआई के मुताबिक, उस वक्त इंदिरा जयसिंह के विदेश दौरों पर खर्च को एनजीओ के खर्च के रूप में दिखाया गया था और इसके लिए गृह मंत्रालय से जरूरी इजाजत भी नहीं ली गई थी।

आरोपों के मुताबिक 2006-07 से 2014-15 के बीच लॉयर्स कलेक्टिव को 32.39 करोड़ रुपये का चंदा मिला था, जिसमें FCRA ऐक्ट का उल्लंघन किया गया था। लॉयर्स कलेक्टिव द्वारा FCRA ऐक्ट के कथित उल्लंघन के मामले में लॉयर्स वॉइस नाम के एक संगठन ने सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका भी दायर की है। याचिका में एनजीओ पर विदेशी चंदे का इस्तेमाल देशविरोधी गतिविधियोंके लिए करने का आरोप लगाया गया है। याचिका पर सुनवाई करते हुए मई में सुप्रीम कोर्ट ने इंदिरा जयसिंह, आनंद ग्रोवर और उनके एनजीओ को नोटिस जारी किया था।