दिन भर झमाझम से उमस हुई कम

 

 

आज कम तो कल अच्छी हो सकती है बारिश!

(महेश रावलानी)

सिवनी (साई)। ब्रहस्पतिवार 25 जुलाई को दोपहर तक उमस से लोग हलाकान रहे किन्तु लगभग चार बजे के आसपास आरंभ हुई बारिश ने शहर को तरबतर कर दिया। बारिश के बाद शाम को मौसम बहुत ही सुहावना हो गया। लोगों ने बारिश का जमकर लुत्फ उठाया। शुक्रवार को कम मात्रा में पानी गिरने की उम्मीद है तो शनिवार को जमकर झमाझम बारिश के संकेत मिले हैं।

मंगलवार और बुधवार को आसमान पर जमकर बादल छाये रहे, किन्तु बरसे नहीं जिससे उमस ने अपना असर दिखाया। ब्रहस्पतिवार को दिन में उमस को देखकर लग रहा था कि बारिश जरूर होगी। वैसे भी मौसम विभाग के सूत्रों के हवाले से समाचर एजेंसी ऑफ इंडिया और दैनिक हिन्द गजट के द्वारा ब्रहस्पतिवार से बारिश का दौर आरंभ होने की खबर का प्रसारण और प्रकाशन किया गया था।

वहीं, बारिश की बाट जोह रहे किसानों के चेहरों पर भी बारिश के बाद लालिमा आती दिखायी दे रही थी। खरीफ की फसलों के सूखने की चिंता देश के अन्नदाता को सता रही थी। लगभग एक पखवाड़े से ज्यादा समय से बारिश न होने के कारण किसानों की पेशानी पर पसीने की बूंदें साफ दिख रहीं थीं। किसान आसमान पर टकटकी लगाये बैठे थे।

जिले भर में बारिश होने की खबरें हैं। छिंदवाड़ा रोड स्थित ग्राम फुलारा, सकरदा, मरझोर, कातलबोड़ी, लखनवाड़ा समेत अनेक ग्राम क्षेत्रों में झमाझम बारिश हुई। इसी प्रकार बण्डोल क्षेत्र के ग्राम बखारी, गुढ़ी, सागर, चारगाँव, रामगढ़, समनापुर, आदि क्षेत्रों में तेज बारिश हुई।

इसी तरह भीमगढ़ क्षेत्र के ग्राम गंगई बंजर, गंगई खास, सुकरी, मसूर भावरी, कोड़ियामाल, पायली, थांवरी, बरबसपुर, बाबाटोला सहित अन्य क्षेत्र में अच्छी खासी बारिश हुई। किसानों ने बताया कि क्षेत्र में 80 प्रतिशत बोवनी मक्का की हुई है। बारिश नहीं होने से मक्का सूखने की कगार पर पहुँच गया था।

कुछ किसानों ने बीच में हुई हल्की बारिश में खरपतवार दवाई का छिड़काव कर बाद में यूरिया डाल दिया था और अचानक पानी नहीं आने के कारण उनकी फसल और भी कमजोर हो चुकी थी।