ग्राम पंचायत पर लगाये मछुआ समिति ने आरोप

 

(ब्यूरो कार्यालय)

बरघाट (साई)। जिले के बरघाट विकासखण्ड के ग्राम पंचायत आष्टा में मछुआ समिति द्वारा पूर्व में ग्राम पंचायत से पट्टे पर दस वर्षों के लिये तालाब लिये गये थे। जिसकी शासकीय राशि का गबन कर भ्रष्टाचार करने के आरोप ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत सचिव व पूर्व पट्टाधारी मछुआ समिति पर लगाया है।

शुक्रवार को आष्टा गाँव के ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर सिवनी व मत्स्य उप संचालक को शिकायत पत्र देकर अवगत कराया गया है कि ग्राम पंचायत आष्टा सचिव द्वारा पट्टे पर तालाब वितरण करने आदेश जारी किया गया जबकि पूर्व में वितरण किये गये तालाब की राशि संबंधित मछुआ समिति द्वारा जमा नहीं की गयी है।

पंचायत द्वारा जारी किये तालाब की नीलामी प्रक्रिया पर स्थगन आदेश जारी करने की माँग ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर से किया है। आष्टा निवासी मोहन सिंह शरणागत हरिनारायण शिवकुमार प्रहलाद कुशमारे, चन्दन, भारत, ज्ञानीराम पारधी व करीम ने आरोप लगाया है कि ग्राम पंचायत आष्टा द्वारा पट्टे पर तालाब वितरण करने हेतु नीलामी आदेश ग्राम पंचायत सचिव जारी किया गया है जो नियम विरुद्ध है।

ग्रामीणों ने आपत्ति दर्ज करते हुए नीलामी प्रक्रिया पर स्थगन आदेश जारी करने व पूर्व पट्टाधारी मछुआ समिति आष्टा द्वारा पिछले दस वर्षाे में तालाब पट्टों की जमा राशि में अनियमितता कर शासन की राशि का गबन करने के गंभीर आरोप ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत सचिव व पूर्व पट्टाधारी मछुआ समिति पर लगाये है। ग्रामीणों ने शिकायत पर जाँच करने की माँग किया है और पंचायत सचिव व पूर्व पट्टाधारी मछुआ समिति द्वारा किये गये गबन के पुख्ता सबूत शिकायतकर्ताओ होने का दावा ग्रामीण कर रहे है।

ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर व मत्स्य उपसंचालक को शिकायत में बताया है कि पूर्व पट्टाधारी मछुआ समिति द्वारा पंचायत से पट्टे पर दस वर्षों के लिये तालाब लिया गया था। जिसकी बकाया राशि पूर्व मछुआ समिति द्वारा जमा नहीं की गयी है। उसके बावजूद ग्राम पंचायत आष्टा द्वारा पट्टे पर तालाब नीलामी के आदेश जारी कर दिये गये है।

ग्रामीणों का आरोप है कि पूर्व पट्टाधारी मछुआ समिति आष्टा द्वारा पूर्व में दस वर्षाे के लिये पट्टे पर लिये गये तालाब का पैसा जमा नहीं किया गया है उसके बावजूद समिति ने पुनः पट्टे पर तालाब लेने ग्राम पंचायत में आवेदन जमा कर दिया है और ग्राम पंचायत द्वारा आवेदन प्राप्त कर लिया गया है जो नियम विरुद्ध है जिस पर ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत में आपत्ति भी दर्ज कराई थी। लेकिन ग्रामीणों की आपत्ति का निराकरण किये बगैर पंचायत सचिव द्वारा मछुआ समिति पंचायत से साठगांठ करके अवैध तरीके से भ्रष्टाचार में सलग्न पूर्व पट्टाधारी मछुआ समिति को गोपनीय तरीके से पुनः तालाब वितरण देने की साजिश की जा रही है।

शिकायतकर्ताओं ने जिला कलेक्टर सिवनी व मत्स्य उपसंचालक से माँग कर आपत्ति दर्ज किया है कि पंचायत द्वारा जारी किये गये पट्टे पर तालाब नीलामी की प्रक्रिया पर रोक लगाते हुए स्थगन आदेश जारी किया जाये। और पूर्व पट्टाधारी मछुआ समिति आष्टा द्वारा पट्टे पर मछली पालन के लिये जो तालाब लिये गये थे उनकी दस वर्षों की बकाया राशि जमा करवाने की माँग किया है ग्रामीणों मामले की जाँच करने की माँग किया है। शिकायत कर्ताओं का आरोप है कि दस वर्षों की राशि ग्राम पंचायत को जमा नहीं होने के पुख्ता सबूत शिकायतकर्ताओं के पास होने का दावा ग्रामीण कर रहे है।