हवा के रूख से रूठ सकती है बारिश!

 

 

(महेश रावलानी)

सिवनी (साई)। शहर के ऊपर आसमान को दो दिन से काले बादल घेरे हुए है। चार सिस्टम मौसम को प्रभावित कर रहे हैं। बारिश के अनुकूल परिस्थितियां है। कई बार काली घटाएं ऐसे छा जाती हैं कि लगता है मानो बारिश तर-ब-तर कर देगी लेकिन हवा की दिशा ने बादलों की बारिश का गणित बिगाड़ दिया।

मौसम विभाग के सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि हवा की दिशा अनुकूल नहीं होने के कारण बादलों को बारिश के जरुरी नमी नहीं मिल सकी। नमी भरी हवा नहीं चलने के कारण बारिश के अनुकूल सिस्टम होने के बावजूद बादल पानी नहीं बरसा पाये। हालांकि शनिवार को शाम से हवा की दिशा बदलकर दक्षिण-पश्चिम हो गयी है। यह नमी के साथ बारिश के अनुकूल मानी जा रही है। फिर भी हवा के रूख से ऐसा ही प्रतीत हो रहा है कि इस सप्ताह तेज बारिश संभवतः न हो।

सूत्रों ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में 31 जुलाई को कम दबाव का एक नया क्षेत्र बनने की संभावना है। इससे अगले सप्ताह तेज वर्षा होने की उम्मीद की जा रही है। हवा की दिशा पश्चिमी होने के कारण आवश्यक नमी नहीं मिली। पर्याप्त नमी नहीं मिलने के कारण बादल तेजी से नहीं बरसें।

सूत्रों की मानें तो शहर में बारिश के लिये उत्तर पूर्व, दक्षिण पश्चिम और दक्षिण पूर्व दिशा अनुकूल होती है। दिशा बदलकर दक्षिण – पश्चिम हो गयी है। यह बारिश के लिये अनुकूल है। अभी झारखण्डी और उड़ीसा के ऊपर एक कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके असर से एक-दो दिन में शहर में बारिश के आसार है। बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक और कम दबाव का क्षेत्र 31 जुलाई को बनने की संभावना है। यह 03 से 04 अगस्त तक शहर के मौसम को प्रभावित करेगा। इससे अगले सप्ताह अच्छी बारिश की संभावना है।

द्रोणिका और चक्रवाती हवा का घेरा : उत्तरी उड़ीसा एवं उससे लगे झारखण्ड में एक कम दबाव का क्षेत्र बना है जिसके साथ हवा के ऊपरी भाग में से 7.6 किलो मीटर की ऊँचाई तक चक्रवाती हवा का घेरा भी बना हुआ है।

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