अस्पताल में मची है अंधेरगर्दी!

 

 

परिजन खुद धकिया रहे स्ट्रेचर!

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। जिलाधिकारी के बार – बार निरीक्षण के बाद भी प्रियदर्शनी इंदिरा गाँधी के नाम से सुशोभित जिला अस्पताल की व्यवस्थाएं सुधरने का नाम नहीं ले रही हैं।

जिला अस्पताल में उपचार करवाने पहुँचने वाले मरीज़, उनके परिजनों को, भर्त्ती से लेकर छुट्टी होने तक अनेक परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। भर्ती किये जाने व छुट्टी की स्थिति में परिजनों को ही स्ट्रेचर खींचना पड़ रहा है। बीमार, कमजोर मरीज़ों को स्ट्रेचर से नीचे से ऊपर के वार्डों में ले जाने व ऊपर से नीचे तक लाने के लिये अनुभवहीन परिजनों को ही स्ट्रेचर खींचने में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

इन परिस्थितियों में जरा सी असावधानी मरीज़ और उनके परिजनों के लिये बड़ी मुसीबत का सबब बन सकती है। अनुभवहीन लोग जब स्ट्रेचर खींचते हैं तो स्ट्रेचर कभी दीवार पर तो कभी लोहे के गेट से टकराता हुआ आगे बढ़ता है वहीं विपरीत दिशा से आने वाले मरीज़ों या उनके परिजनों के लिये भी यह परेशानी का कारण बन रहा है।

जिला अस्पताल में मरीज़ों को एक स्थान से दूसरे स्थान लाने, ले जाने के लिये पाबंद स्वास्थ्य कर्मी अक्सर ही नदारद रहते हैं। नौबत यहाँ तक बन गयी है कि साथ लाये गये मरीज़ों को उनके परिचारक खुद स्ट्रेचर से वार्ड तक लाने – ले जाने का काम करने पर मजबूर हैं।

मरीज़ों के परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में भर्त्ती मरीज़ों को जिला अस्पताल से दवाएं नहीं मिल रही हैं। मरीज़ों के परिजनों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि अस्पताल में चाहे जब टिटनेस, डायक्लोफेनेक, एंटीबायोटिक, रक्त का थक्का बनाने से रोकने वाली दवाएं भी गायब हो जाती हैं।

वहीं बताया जाता है कि इसके साथ ही यहाँ आईव्ही सेट, सीरीन्ज, ग्लव्ज यहाँ तक कि लिखा पढ़ी के लिये रजिस्टर, स्टेनशरी जैसी सामग्री तक नहीं मिल रही है। स्वास्थ्य कर्मियों की मानें तो स्टेशनरी प्लेन कागज, पिन आदि कई माह से नहीं मिले हैं।

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