साध्वी प्रज्ञा सिंह की मुश्किल बढ़ीं

 

 

 

 

चुनाव शून्य करने के लिए हाईकोर्ट ने मांगा जवाब

(ब्‍यूरो कार्यालय)

जबलपुर (साई)। जबलपुर हाईकोर्ट में लगी इस याचिका में साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर का निर्वाचन शून्य घोषित करने की मांग की गई है। यह चुनाव याचिका राजेश दीक्षित ने भोपाल के एक मतदाता की हैसियत से लगाई है। इस पर हाईकोर्ट ने भोपाल से बीजेपी सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब मांगा है।

यह भी लगे आरोप

भोपाल सांसद साध्वी प्रज्ञा पर यह भी आरोप लगाए गए हैं कि चुनाव प्रचार के दौरान धर्म के आधार पर वोट मांगे गए, इसलिए उनका निर्वाचन शून्य घोषित किया जाना चाहिए।

यह भी कहा गया है कि साध्वी ने अपने प्रचार के दौरान सांप्रदायिक और धार्मिक भाषण दिए जबकि उनके प्रतिद्वंदी कांग्रेस प्रत्यासी दिग्विजय सिंह पर भगवा आतंकवाद पर बयान देने के झूठे आरोप लगाए।

याचिकाकर्ता ने कानून का हवाला देते हुए कहा है कि लोक प्रतिनिधित्व कानून की धारा 123 के अनुसार कोई भी प्रत्याशी धार्मिक आधार पर वोट नहीं मांग सकता।

याचिका में आरोप लगाया गया है कि चुनाव के दौरान भाजपा प्रत्याशी ने धार्मिक भावनाएं भड़काने वाले बयान दिए। उन्होंने यह भी कहा था कि उन्हें बाबरी मस्जिद तोड़ने पर गर्व है, वह खुद मस्जिद तोड़ने गई थीं।

गौरतलब है भोपाल से साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने कांग्रेस के कद्दावर नेता दिग्विजय सिंह को तीन लाख 64 हजार 822 वोटों से हरा दिया था। वे पहली बार सांसद बनी हैं।

पहले भी थी मुश्किल में

इससे पहले साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के ऊपर मालेगांव बम ब्लास्ट में नाम आने के बाद से ही केस चल रहा है। एनआईए कोर्ट में उनकी पेशी चल रही है। उन्होंने इसके बावजूद भी भोपाल से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा। पिछले दिनों हुई कोर्ट में सुनवाई के दौरान गवाहों ने उस मोटर साइकिल को पहचान लिया जिसका बम ब्लास्ट में इस्तेमाल किया गया था। यह मोटर साइकिल प्रज्ञा ठाकुर के नाम पर रजिस्टर्ड है।