फर्जी प्रमाण पत्र जारी करने वाले पर कब होगी कार्यवाही!

 

 

(ब्यूरो कार्यालय)

घंसौर (साई)। आदिवासी बाहुल्य तहसील मुख्यालय घंसौर में बीते दिनों फर्जी प्रमाण पत्र जारी करने का मामला प्रकाश में आने के बाद अब तक इस मामले में पुलिस के द्वारा प्राथमिकी दर्ज न किये जाने के कारण पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगने आरंभ हो गये हैं।

ज्ञातव्य है कि पिछले दिनों भारतीय स्टेट बैंक घंसौर के ऊपर वाले माले में घंसौर के तहसीलदार के डिजिटल सिग्नेचर चोरी कर अनाप शनाप रुपये लेकर फर्जी प्रमाण पत्र जारी करने का मामला सामने आया था। इस मामले की शिकायत घंसौर स्थित लोक सेवा केंद्र के कर्मचारी के द्वारा घंसौर तहसीलदार से की थी।

बताया जाता है कि इस मामले की जानकारी जब अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को दी गयी तब उनके द्वारा कंप्यूटर सेंटर के संचालक दीपेश नेमा के प्रतिष्ठान पर छापा मारा जाकर डिजिटल सिग्नेचर के साथ आरोपी दीपेश नेमा को भी धर दबोचा था। इसके बाद कंप्यूटर सेंटर को सील कर दिया गया था।

बताया जाता है कि आरोपी के कंप्यूटर, प्रिंटर आदि को जप्त भी किया गया था। इसके उपरांत तहसीलदार अमृत लाल धर्वे ने आरोपी को नोटिस जारी करने की बात कही गयी थी। इसके बाद अब तक इस तरह के गंभीर फर्जीवाड़े में आरोपी की गिरफ्तारी न होने से लोग तरह – तरह की चर्चाएं भी करते दिख रहे हैं।

चर्चाओं के अनुसार इस मामले में पूर्व विधायक के एक प्रतिनिधि की संलिप्तता भी पायी जा रही है, जिसके चलते पूर्व विधायक के द्वारा आरोपियों को बचाने का ताना – बाना बुना जा रहा है। शनिवार को उक्त सील हुआ कंप्यूटर सेंटर फिर खुल गया और वहाँ आम दिनों की तरह ही काम होता दिखा।