राजस्थान में धराया पेंच के बाघ का शिकारी

 

 

(अपराध ब्यूरो)

सिवनी (साई)। मध्य प्रदेश के सिवनी, मण्डला और महाराष्ट्र के नागपुर में जंगली जीवों विशेषकर बाघ के कुख्यात शिकारी को वन विभाग के द्वारा राजस्थान के कोटा से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की गयी है।

वन विभाग के उच्च पदस्थ सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि भोपाल के वन विभाग एवं जबलपुर एसटीएफ टीम ने संयुक्त कार्यवाही कर 06 साल से फरार ईनामी शिकारी को राजस्थान के कोटा से गिरफ्तार कर लिया है। बारसुल उर्फ कशिश उर्फ सरसपति पिता परेशान पारधी पर सिवनी के पेंच बफर जोन में बाघ का शिकार करने सहित मण्डला व नागपुर में वन्य प्राणियों का शिकार करने के कई मामले दर्ज हैं।

सूत्रों ने बताया कि 2013 में शिकार की वारदातों को अंजाम देने के बाद से ही आरोपी बारसुल फरार था। उसे गिरफ्तार करने के लिये टाईगर स्ट्राईक फोर्स जबलपुर व एसटीएफ भोपाल की टीम के द्वारा लगातार प्रयास किये जा रहे थे। भोपाल व जबलपुर एसटीएफ ने सूचना मिलने के बाद 01 अगस्त को राजस्थान के कोटा व उदयपुर से तलाशी के दौरान कुख्यात वन्य जीव तस्कर व शिकारी बारसुल को गिरफ्तार किया है।

उसे जबलपुर की विशेष कोर्ट में शुक्रवार को पेश कर पाँच दिनों की रिमाण्ड पर लिया गया है। बारसुल पर वन्य प्राणियों के शिकार व तस्करी के चार नामजद प्रकरण दर्ज हैं। रिमाण्ड पर लेकर बारसुल से पूछताछ की जायेगी जिसमें वन्यजीवों की तस्करी से जुड़े नये खुलासे हो सकते हैं।

ये मामले हैं दर्ज : 2013 में नागपुर वन मण्डल व मेलघाट टाईगर रिज़र्व महाराष्ट्र में बाघ, तेंदुआ व भालू के शिकार का प्रकरण दर्ज है। 2013 में मण्डला पश्चिम वन मण्डल में भालू का शिकार किया था। 2013 में सिवनी जिले के पेंच बफर क्षेत्र में बाघ का शिकार करने का प्रकरण दर्ज है।