धरती के माँसाहारी पौधे

 

 

आपको शायद लगता होगा कि सिर्फ इंसान और जानवर ही माँसाहारी होते हैं लेकिन शायद आपको यह नहीं पता होगा की इस धरती पर कुछ ऐसे पौधे भी हैं जो शिकारी और माँसाहारी हैं! ये पौधे अपने भोजन के लिये किसी शिकारी की तरह घात लगाये रहते हैं और शिकार के पास आते ही उस पर हमला बोल देते हैं! आईये आपको भी बताते हैं इन माँसाहारी पौधों के बारे में..

गंध के जरिये शिकार करने वाले पौधे : माँसाहारी पौधों में से कुछ पौधे ऐसे भी होते हैं जो खास तरह की गंध फैलाते हैं और यह गंध कीटों को बेहद आकर्षित करती है! ये पौधे अपने शिकार को इस गंध के जरिये ललचाते हैं और जैसे ही कोई कीट इस गंध को सूंघते हुए इस पौधे के समीप आता है यह पौधे उसका शिकार कर लेते हैं! इस तरह के पौधों में खास तरह के बैक्टीरिया और एंजाइम होते हैं जो इन कीड़ों को पचाने में सहायक होते हैं!

कांटों और फिसलन वाले माँसाहारी पौधे : माँसाहारी पौधों में से कुछ पौधे ऐसे होते हैं जिन पर कांटे लगे होते हैं और वह इन कांटों से कीड़े और छोटे परिंदों को जकड लेते हैं! वहीं कुछ पौधे ऐसे होते हैं जिनकी सतह काफी फिसलन भरी होती है और जैसे ही कीट इन पौधों के पत्तों पर बैठते हैं तो फिसलकर नीचे गिर जाते हैं! भारत में भी एक ऐसा ही माँसाहारी पौधा पाया जाता है जिसे नागफनी के नाम से जाना जाता है!

जकड़ने वाले माँसाहारी पौधे : कुछ माँसाहारी पौधों में रेशे निकले होते हैं जो अपने अंदर कीड़ों को फंसा लेते हैं! कुछ पौधों का मुँह तो ढक्कन जैसा होता है जिसमें कीड़े फंस जाते हैं! माँसाहारी पौधे कीड़ों को अपना भोजन बनाकर अपने पोषक तत्व प्राप्त करते हैं!

कांटेदार पत्तियों वाले माँसाहारी पौधे : वीनस फ्लाईट्रैप नाम का एक पौधा होता है जो जिस पर काफी कांटेदार पत्तियां लगी होती है! यह पत्तियां मेंढक, छिपकली और घोंघे जैसे जीवों को भी अपने अंदर फंसा लेती हैं और जब तक ये जीव गल कर इस पौधे का भोजन नहीं बन जाते तब तक ये पत्तियां नहीं खुलतीं!

(साई फीचर्स)