स्व आंकलन होता है जरूरी!

 

 

(शरद खरे)

जिलाधिकारी प्रवीण सिंह का कार्यकाल लगभग आठ माह का होने को आ रहा है। इन आठ माहों में उनके द्वारा कितने निर्देश जारी किये गये, उन निर्देशों पर उनके मातहत जिलाधिकारियों ने कितनी तवज्जो दी, अगर समय सीमा के निर्देशों का पालन नहीं हुआ तो इसके लिये जवाबदेह कौन हैं, इन जिम्मेदारों के खिलाफ जिलाधिकारी ने क्या कार्यवाही की, इन सारे प्रश्नों के उत्तर केवल जिलाधिकारी ही अपने कार्यालय से माँग सकते हैं।

जिलाधिकारी का ओहदा जिले में सबसे ऊपर माना गया है। संघीय व्यवस्थाओं में प्रत्येक जिले में हर चीज को नियंत्रित और नियमानुसार करवाने की जवाबदेही जिलाधिकारी पर ही आहूत होती है। जिलाधिकारी को निहित स्वार्थ, भलाई-बुराई, पूर्वाग्रह आदि से ऊपर उठकर जिले के हित को सर्वोपरि रखने की जवाबदेही दी गयी है।

जिले में पिछले दो दशकों से जो कुछ हो रहा है वह किसी से छुपा नहीं है। जिला विकास की डगर पर है अथवा जिला पिछड़ता जा रहा है, यह बात किसी से छुपी नहीं है। सिवनी में फोरलेन और ब्रॉडगेज़ हेतु अमान परिवर्तन का काम जिस गति से चल रहा है यह बात भी सभी जानते हैं।

सिवनी शहर में अतिक्रमण को लोग कैंसर की संज्ञा दे रहे हैं। अतिक्रमण हटाने के लिये निर्देश दिये गये, इसके बाद नेहरू रोड पर निशान लगाये गये और मामला ठण्डे बस्ते के हवाले कर दिया गया। नवीन जलावर्धन योजना का पानी 01 मार्च से शहर को मिलना था, इस बारे में नगर पालिका पूरी तरह मौन है। ये निर्देश जिलाधिकारी के द्वारा ही दिये गये थे।

शहर में मॉडल रोड के क्या हाल हैं, यह बात भी छुपी नहीं है। मॉडल रोड पर से रोज ही जिले के अनेक अधिकारी गुजरते हैं, क्या यह पूरी हो चुकी है! अगर नहीं तो इस सड़क को तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी किशन सिंह ठाकुर के द्वारा पूर्णता प्रमाण पत्र (सीसी) कैसे जारी कर दी गयी!

जिले में स्वास्थ्य, शिक्षा, लोक कर्म, सिंचाई, ग्रामीण विकास, जिला पंचायत, जनपद पंचायत, स्थानीय निकाय, वन विभाग सहित समस्त विभाग किस तरह की कार्यप्रणाली अपनाये हुए हैं! क्या आम जनता इस बात से संतुष्ट है! इस बारे में विचार करने की फुरसत किसी को भी नहीं है।

हाल ही में जिलाधिकारी के द्वारा बारिश में पुल, पुलियों, रपटों आदि पर प्रकाश की व्यवस्था करने के साथ ही इनके ऊपर से पानी बहने की दशा में आवागमन अवरूद्ध करने के निर्देश दिये गये। इसके बाद भी धूमा क्षेत्र में हट्टा नाले में सनाई कछान निवासी चमन सिंह मोटर साईकिल सहित इसको पार करते समय बह गया। इसे क्या माना जायेगा! क्या जिलाधिकारी के निर्देशों का पालन जिले के विभागीय प्रमुख कर रहे हैं! इस पर विचार करना जरूरी है कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है! आखिर कमी कहाँ रह जा रही है!