स्वच्छता अभियान में जुड़ें विद्यार्थी के साथ शिक्षक भी : बहुगुणा

 

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। शालेय स्वच्छता समस्या एवं समाधान को लेकर कार्यशाला का आयोजन संभागीय कमिश्नर राजेश बहुगुणा, जिला कलेक्टर प्रवीण सिंह अढ़ायच, शिक्षा संचनालय जबलपुर के आयुक्त राजेश तिवारी, एवं जिला शिक्षा अधिकारी गोपाल सिंह बघेल की उपस्थिति में आयोजित किया गया।

इस कार्यशाला में संभाग आयुकत राजेश बहुगुणा ने कहा कि वर्तमान में अनेक शालाओं में मात्र एक बच्चे ने सर्वश्रेष्ठ अंक प्राप्त कर शाला का नाम रौशन किया। यहाँ पर यह महत्वपूर्ण नहीं है कि एक बच्चे ने सर्वश्रेष्ठ अंक लिये बल्कि महत्वपूर्ण यह है कि शाला के शेष बच्चों का परिणाम शत प्रतिशत क्यों नहीं रहा। शाला में हम जाते हैं तो सारे भेदभाव भूल जाते हैं क्योंकि वहाँ पर हर वर्ग का व्यक्ति रहता है। अगर स्वच्छता की जब बात करते हैं तो शिक्षक और विद्यार्थी अगर एक साथ मिलकर सफाई करते हैं तो निश्चित ही शासन का सफाई अभियान सफल होगा।

इसके लिये शासकीय कर्मचारी को अपने आपको कर्मचारी न मानते हुए एक शिक्षक के रूप में स्वच्छता अभियान अपने हाथ में लेकर शाला परिसर को स्वच्छ बनाने के लिये प्रयास करना चाहिये। नागरिकों को बेहतर बनाने के लिये हमें शासन की महती योजनाओं की गंभीरता को समझना चाहिये जिससे अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकें।

उन्होंने कहा कि सिवनी जिले में इस अभियान को लेकर काफी जागरूकता है घंसौर क्षेत्र में बीआरसीसी मनीष मिश्रा द्वारा अनेक शालाओं में यह अभियान चलाया जा रहा है निश्चित ही उनकी सराहना किया जाना चाहिये। जब हम कोई अभियान लेकर चलते हैं तो वह कारवां बन जाता है। इस कार्य में देवी प्रसाद सेन, जगदीश तिवारी, टीएल परस्ते, आईएल उईके, पंतलाल मर्कावा, टी.पी. लखेरा सहित बीरजू कुसरे, सीताराम,अंगदिया, रवि शंकर तुलसीकर, फूल सिंह मर्सकोले, अजय बोपचे, कोदूलाल यादव, रजनी चौकसे, अनीता यादव, उमाकांत यादव, रूपेन्द्र कुलस्ते, मंजू कुमरे, सुखराम अवधिया, सोमनाथ उईके आदि सहयोगी हैं। इसी तरह कुरई क्षेत्र में चित्तौड़ सिंह कुशराम, बरघाट क्षेत्र में प्रभुदयाल नाग का कार्य भी सराहनीय है।

आयोजन के दौरान सिवनी के 08 विकास खण्डों से आये प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला के शिक्षकों द्वारा नवाचार के अंतर्गत 137 मॉडल प्रस्तुत किये गये जिनका अवलोकन कमिश्नर राजेश बहुगुणा एवं जिला कलेक्टर प्रवीण सिंह अढ़ायच ने किया। निर्णायक भूमिका दानिश अख्तर, अंजना राय, आराधना राजपूत ने की। आयोजन के दौरान राज्य शिक्षा मिशन के जगदीश अढ़ायच, सतेन्द्र अवधिया सहित अनेक लोगों का योगदान रहा।