नहीं मिल पा रही शासन की योजनाओं की जानकारी!

 

 

सत्ता और संगठन में दिख रहा विरोधाभास!

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। प्रदेश में मुख्यमंत्री कमल नाथ के द्वारा जनता के हितों विशेषकर समाज के अंतिम छोर के व्यक्ति को लाभ पहुँचाने के लिये नयी-नयी योजनाओं का आगाज किया जा रहा है, पर जिले के काँग्रेस के विधायक और संगठन के बीच तालमेल न बन पाने के चलते इन योजनाओं के बारे में लोगों तक जानकारी नहीं पहुँच पा रही है।

ज्ञातव्य है कि प्रदेश में कमल नाथ के नेत्तृत्व वाली कमल नाथ सरकार के द्वारा गरीब गुरबों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिये अनेक प्रयास किये जा रहे हैं। उनके द्वारा समाज के अंतिम छोर के व्यक्ति को दृष्टिगत रखते हुए योजनाएं बनायी जा रही हैं। राज्य स्तर पर इसका व्यापक प्रचार प्रसार भी किया जा रहा है।

प्रशासनिक गलियारों में चल रही चर्चाओं के अनुसार इन योजनाओं को जनता तक पहुँचाने के लिये न तो संगठन के द्वारा किसी तरह का प्रयास किया जा रहा है और न ही काँग्रेस के विधायकों के द्वारा ही। होना यह चाहिये कि संगठन और विधायकों को अपने – अपने क्षेत्रों में शिविर लगाये जाकर शासन की योजनाएं लोगों के समक्ष रखकर इसका लाभ लेने की अपील करना चाहिये।

काँग्रेस के अंदरखाने में चल रहीं चर्चाओं पर अगर यकीन किया जाये तो काँग्रेस के नेता इस समय असमंजस में हैं। असमंजस यह है कि वे अपने आप को स्थापित करें, अपने विरोधियों का शमन करें या फिर शासन की योजनाओं को जन जन तक पहुँचायें। चर्चाओं के अनुसार विधायकों और संगठन के नेताओं के बीच भी सामंजस्य का अभाव दिख रहा है।

चर्चाओं पर अगर यकीन किया जाये तो जिला काँग्रेस कमेटी के आला पदाधिकारियों के द्वारा सिवनी तक ही अपने आप को सीमित कर रखा गया है। लखनादौन, घंसौर, केवलारी, बरघाट, छपारा आदि क्षेत्रों में जाकर दौरे करने और योजनाओं की जानकारी आदि देने की फुर्सत नेताओं को नहीं मिल पा रही है।