कौन है आरईएस का ईई!

 

 

दो अधिकारियों के बीच झूल रहा विभाग!

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। जिले में अधिकारियों की तैनाती को लेकर भ्रम की स्थितियां ही बन रही हैं। जिला प्रशासन और जिला पंचायत के द्वारा भी इन मामलों से अपने आप को दूर ही रखा गया है। इधर, जनपद पंचायत में सीईओ का विवाद चल रहा है तो दूसरी ओर ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग में दो-दो कार्यपालन यंत्री (ईई) बैठ रहे हैं।

आरईएस के उच्च पदस्थ सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि विभाग में कार्यपालन यंत्री के बतौर पी.सी. मेश्राम पदस्थ थे। इसी बीच ग्वालियर में मुख्य अभियंता कार्यालय में संलग्न अनुविभागीय अधिकारी ऊषा चौधरी को सिवनी में आरईएस का प्रभारी कार्यपालन यंत्री बनाये जाने के आदेश जारी कर दिये गये।

सूत्रों ने बताया कि लोकायुक्त कार्यालय में जब पेशी पर उपस्थित होने श्री मसराम जिला मुख्यालय से बाहर थे उसी दौरान जिला पंचायत की तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमति मंजूषा विक्रांत राय के द्वारा आनन फानन ही ऊषा चौधरी को एक पक्षीय कार्यभार ग्रहण करवा दिया गया।

सूत्रों ने बताया कि राज्य शासन के द्वारा अनुविभागीय अधिकारियों की ग्र्रेडेशन लिस्ट में काफी नीचे नंबर होने के बाद भी ऊषा चौधरी को आरईएस के कार्यपालन यंत्री का चालू प्रभार दे दिया गया है। अब समस्या यह भी सामने आ रही है कि उनसे वरिष्ठ दो अनुविभागीय अधिकारी श्री अमोले और श्री पवमे की तैनाती सिवनी में कर दी गयी है। अब दो वरिष्ठ अधिकारी अपने कनिष्ठ अधिकारी के अधीन काम करने पर मजबूर होंगे।

सूत्रों ने बताया कि इस स्थानांतरण आदेश के खिलाफ पी.सी. मेश्राम के द्वारा माननीय उच्च न्यायालय से स्थगन लाया गया है। अब ग्रामीण यांत्रिकी सेवा में दो कार्यपालन यंत्री बैठ रहे हैं। कर्मचारियों के सामने यह समस्या आ रही है कि वे किस अधिकारी की बात सुनें और किसकी नहीं! इसके चलते राखी और ईद के पहले विभाग के कुछ कर्मचारियों को अब तक वेतन नहीं मिल पाया है। इस मामले में विभागीय स्तर पर चल रहीं चर्चाओं के अनुसार जिलाधिकारी प्रवीण सिंह से हस्तक्षेप की माँग की जा रही है।