सौ हाईटेक गोशाला बनाएगा बिड़ला ग्रुप

 

 

 

 

 

(ब्यूरो कार्यालय)

भोपाल (साई)। मध्यप्रदेश में सरकार बनाते ही मुख्यमंत्री कमलनाथ ने जिस गोशाला परियोजना की शुरुआत की थी, उसमें देश का बड़ा औद्योगिक समूह बिड़ला निवेश करेगा। ग्रुप के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला के साथ मुंबई में मुख्यमंत्री की राउंट टेबल बैठक में इस पर सहमति बनी। समूह सौ हाईटेक गोशाला कॉपोरेट सोशल रिस्पांसबिलिटी फंड से बनाएगा।

वहीं, कौशल विकास के प्रशिक्षण का छिंदवाड़ा मॉडल सीआईआई प्रदेश के हर जिले में बनाएगा। इससे जहां युवा प्रशिक्षित होकर रोजगार के मौके हासिल कर पाएंगे, वहीं उद्योगों की कुशल मानव संसाधन की मांग भी पूरी हो सकेगी। मुख्यमंत्री का फोकस रोजगार के मौके बढ़ाने पर है और इसके लिए प्रदेश सरकार नीतियों में बदलाव भी कर रही है।

मध्य प्रदेश में निवेश के लिए उद्योगपतियों का भरोसा फिर से हासिल करने की मुहिम के जुटे मुख्यमंत्री कमल नाथ ने बिड़ला ग्रुप, महिंद्रा एंड महिंद्रा, शापूरजी पालोनजी सहित अन्य औद्योगिक समूहों के प्रमुखों के साथ राउंड टेबल चर्चा की। बिड़ला समूह के चेयरमैन के साथ चर्चा में मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में गोवंश के लिए बड़े पैमाने पर गोशाला खोलने का काम हाथ में लिया गया है।

इसके लिए सरकार अपने स्तर के अलावा उद्योग समूह और दानदाताओं से सहयोग की अपेक्षा भी रखती है। बिड़ला ने प्रदेश की परियोजना को सराहते हुए इसमें निवेश करने पर सहमति जताई। समूह सौ हाईटेक गोशाला (व्यवस्थित शेड, घूमने के लिए अलग स्थान, चारा देने से लेकर गोबर व मूत्र संग्रह के लिए फिल्टरेशन प्लांट) का निर्माण करेगा।

प्रदेश के युवाओं को रोजगार के मौके उपलब्ध कराने की मुख्यमंत्री की मुहिम को कंफेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (सीआईआई) का साथ मिल गया। सीआईआई की राष्ट्रीय टीम ने छिंदवाड़ा मॉडल की तर्ज पर हर जिले में कौशल विकास केंद्र खोलने का भरोसा दिलाया। छिंदवाड़ा में सीआईआई ने जो कौशल विकास केंद्र खोला है, उसकी बदौलत बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार मिला है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रोजगार के लिए कौशल विकास जरूरी है। छिंदवाड़ा में जब इसकी शुरुआत की तो सकारात्मक परिणाम सामने आए। अब सरकार ने कौशल विकास केंद्रों को नया स्वरूप देने रोडमैप तैयार किया है। ऐसे ट्रेड जो अनुपयोगी हो चुके हैं, उन्हें बंद कर उद्योगों की जरूरत से नए क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिलवाया जाएगा।

शहरों का हो सुनियोजित विकास

मुख्यमंत्री ने शहरों के सुनियोजित विकास और स्मार्ट सिटी को लेकर शापूरजी पालोनजी के साइरस मिस्त्री के साथ चर्चा की। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता शहरी क्षेत्रों के ईडब्ल्यूएस आवास हैं। इसके लिए सरकार सभी तरह के मॉडलों पर विचार कर रही है। बैठक में सस्ती दरों पर मकान देने के लिए देश के अन्य राज्यों की योजनाओं और मॉडल पर विचार किया गया। उल्लेखनीय है कि भोपाल में मंत्रालय एनेक्सी का निर्माण शापूरजी पालोनजी कंपनी ने किया है।

इसके अलावा शहरों में ई-रिक्शा और ई-ऑटो निर्माण को लेकर महिंद्रा एंड महिंद्रा के प्रबंध संचालक पवन गोयनका के साथ चर्चा हुई। सरकार भोपाल और इंदौर में ई-रिक्शा और ई-ऑटो योजना लागू करने जा रही है। इस दौरान नगरीय विकास मंत्री जयवर्धन सिंह, पर्यटन मंत्री सुरेंद्र सिंह बघेल, मुख्य सचिव एसआर मोहंती, अपर मुख्य सचिव वित्त अनुराग जैन, प्रमुख सचिव उद्योग डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री अशोक बर्णवाल सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

मुख्यमंत्री कमल नाथ ने मप्र में निवेश की संभावनाओं पर उद्योगपतियों के साथ चर्चा में कहा कि हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता निवेश के साथ रोजगार निर्माण है। रोजगार के बिना औद्योगिक विकास मध्यप्रदेश जैसे राज्य के लिए अर्थहीन है। हमारे यहां मेहनती युवा शक्ति और प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। इन्हें बस रोजगार के मौके चाहिए। निवेश भरोसे से आएगा और प्रदेश सरकार के इसलिए प्रतिबद्ध है। हम ऐसा मध्यप्रदेश बनाएंगे, जिसमें निवेश से नए औद्योगिक प्रदेश का निर्माण होगा और लाखों युवाओं को रोजगार के अवसर बनेंगे।

उन्होंने कहा कि हम ड्राय पोर्ट, सैटेलाइट शहर, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, पर्यटन और कौशल विकास के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ना चाहते हैं। हर क्षेत्र की जरूरतें अलग-अलग हैं। एक ही नीति सभी क्षेत्र के लिए कारगर नहीं हो सकती है। इसके मद्देनजर अलग-अलग नीति बनाई जाएंगी।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने उद्योगों की मध्यप्रदेश से अपेक्षा और नीतियों को सुझाव जाने। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रदेश में निवेश करने वाले उद्योगों के लिए हर दम उनके दरवाजे खुले रहेंगे। सरकार सहयोग करने में कोई कसर नहीं रखेगी।

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