छपारा में स्थान-स्थान पर छलक रहे जाम!

 

 

कई स्थानों पर खुले हैं अघोषित मयखाने

(फैयाज खान)

छपारा (साई)। छपारा शहर में स्थान – स्थान पर अघोषित मयखानों के खुलने से वातावरण दूषित होता नज़र आ रहा है। शहर के कुछ स्थान ऐसे हैं जहाँ से गुजरने पर मदिरा की तीव्र गंध लोगों को नाक पर रूमाल रखने के लिये मजबूर कर देती है। सरकारी कार्यालयों, शालाओं आदि के आसपास भी जमकर जाम छलक रहे हैं।

बताया जाता है कि छपारा में निर्धारित से अधिक दर पर शराब बेची जा रही है। देशी शराब दुकान के आसपास तो मयजदों का हुजूम लगा होता है। शराब दुकानों के आसपास अघोषित अहातों का संचालन किया जा रहा है। होटल ढाबों में सरेआम शराब परोसी जा रही है।

स्थान-स्थान पर बने मयखानों के चलते आये दिन विवाद भी हो रहे हैं। जनपद पंचायत कार्यालय, कृषि विकास विभाग, दूरसंचार विभाग, लोक निर्माण विभाग यहाँ तक कि विश्राम गृह के आसपास शाम ढलते ही शराबियों का हुजूम देखा जा सकता है। शराब के नशे में असामाजिक तत्व भी झगड़ा करते सहज ही देखे जा सकते हैं।

छपारा शहर में संचालित देशी शराब दुकान के स्थान परिवर्तन के लिये नागरिकों के द्वारा लगभग एक डेढ़ साल से माँग किये जाने के बाद भी आबकारी विभाग के द्वारा इस दिशा में किसी तरह की पहल नहीं की गयी है। यहाँ यह उल्लेखनीय होगा कि हाल ही में सूबे के तत्कालीन निजाम शिवराज सिंह चौहान के द्वारा नर्मदा तट के किनारे वाली शराब दुकानों को हटवाने का फरमान जारी किया गया था, किन्तु पुण्य सलिला बैनगंगा के तट के समीप संचालित होने वाली देशी शराब दुकान को स्थानांतरित करने की पहल अब तक किसी के द्वारा भी नहीं की गयी है।

छपारा क्षेत्र में आसपास के ग्रामीण अंचलों में भी देशी विदेशी शराब को खुलकर बेचा जा रहा है। क्षेत्र का शायद ही कोई ऐसा ग्राम होगा जहाँ अवैध शराब का कारोबार नहीं किया जा रहा है। बताया जाता है कि युवा तरूणाई भी अब इस सामाजिक बुराई की चपेट में आती जा रही है।

युवाओं का शराब के प्रति बढ़ता आकर्षण समाज के लोगों के लिये चिंता का विषय बनता जा रहा है। पूर्व में प्रदेश के तत्कालीन किसान कल्याण मंत्री गौरी शंकर बिसेन के द्वारा भी अवैध शराब पर अंकुश लगाये जाने के स्पष्ट निर्देश का असर भी छपारा क्षेत्र में होता नहीं दिख रहा है।

छपारा क्षेत्र के कमोबेश हर गाँव में महिलाओं के द्वारा शराब का विरोध किया जा रहा है, पर इसके बाद भी शराब ठेकेदार के गुर्गों के द्वारा क्षेत्र में कोचियों (अवैध शराब बेचने वाले) के माध्यम से गाँव – गाँव में शराब बिकवायी जा रही है। शराब के नशे में आये दिन लोग विवाद करते नज़र आते हैं।

उल्लेखनीय होगा कि छपारा क्षेत्र में बिक रही अवैध शराब पर अंकुश लगाने में आबकारी विभाग और स्थानीय पुलिस भी सक्षम नहीं दिख रही है। क्षेत्र वासियों ने संवेदनशील जिला कलेक्टर प्रवीण सिंह और जिला पुलिस अधीक्षक कुमार प्रतीक के ध्यानाकर्षण की जनापेक्षा व्यक्त की है।