जम्मू से हटाई गई धारा 144, कल से खुलेंगे स्कूल-कॉलेज

 

 

 

 

(ब्यूरो कार्यालय)

जम्‍मू (साई)। जम्मू प्रशासन ने यहां लागू धारा 144 को हटा लिया है। जम्मू और कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने संबंधी सरकार के फैसले से पहले ही धारा 144 लगा दिया गया था। हालांकि प्रशासन का यह निर्णय केवल जम्मू के लिए है, राज्य के बाकी हिस्से में स्थिति यथावत लागू रहेगी।

जम्मू जिले की डेप्युटी मैजिस्ट्रेट सुषमा चौहान ने जम्मू निकाय की सीमा से धारा 144 को हटा लिया है, जिसमें किसी भी जगह पर 4 से अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर रोक लगती है। प्रशासनिक आदेश के अनुसार शनिवार 10 अगस्त की तारीख से सभी स्कूल, कॉलेज और शैक्षिक संस्थानों को खोलने की अनुमति दे दी गई है। इससे पहले प्रशासन ने लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए थोड़ी ढील दी थी।

बता दें कि अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू-कश्मीर को मिले विशेषाधिकारों को खत्म किए जाने और राज्य के पुनर्गठन के फैसले के पहले ही पूरे प्रदेश में धारा 144 लागू कर दी गई थी। जम्मू में सोमवार 5 अगस्त सुबह 6 बजे से ही धारा 144 लागू हो गई थी। इसके साथ ही ऐहतियात के तौर पर सभी स्कूलों और कॉलेजों को बंद कर दिया गया था।

यह आशंका जाहिर की गई थी सरकार के इस ऐतिहासिक फैसले के बाद राज्य में स्थिति और भी बिगड़ सकती है। अलगाववादी लोगों को भड़का सकते हैं। हालांकि सूबे में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। खतरे की आशंका के मद्देनजर सुरक्षा बलों की तैनाती कई गुणा बढ़ा दी गई है। जम्मू क्षेत्र, विशेषकर सीमावर्ती राजौरी और पुंछ जिलों में रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) समेत अतिरिक्त अर्धसैनिक बल तैनात कर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।

उधर, घाटी में सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार काफी करीब से नजर बनाए हुए है और इसके साथ ही घाटी और दक्षिण कश्मीर में लोगों के मूड की भी सावधानीपूर्वक निगरानी कर रही है। 12 अगस्त को पड़ने वाले ईद-उल-अजहा के मद्देनदर कर्फ्यू में ढील दी जा सकती है।

कश्मीरियों का मूड क्या है, देखेगी सरकार

आर्टिकल 370 के प्रावधानों को हटाने के बाद घाटी में यह पहला मौका होगा जब राज्य प्रशासन और केंद्र सरकार कश्मीरी लोगों की प्रतिक्रिया को भांपने की कोशिश करेगी। इस दौरान सरकार यह जानने की कोशिश करेगी कि कश्मीरियों का मूडक्या है?