बाढ़ से बचाने को पुलिसवाला बन गया ‘हनुमान’

 

 

 

 

 

बच्चियों को कंधे पर बिठाकर किया रेस्क्यू

(ब्‍यूरो कार्यालय)

अहमदाबाद (साई)। गुजरात में भारी बारिश और बाढ़ का कहर जारी है। यहां बारिश से जुड़ी घटनाओं में 19 लोगों की जानें जा चुकी हैं। कई रास्ते जलभराव के कारण बंद कर दिए गए हैं। बाढ़ में फंसे लोगों को बचाने के लिए सेना, एनडीआरएफ और पुलिसकर्मियों की मदद ली जा रही है।

इस बीच रेस्क्यू का एक ऐसा विडियो सामने आया है जिसकी हर ओर तारीफ हो रही है। विडियो में एक कॉन्स्टेबल रैंक का पुलिसकर्मी बाढ़ में फंसी दो बच्चियों को कंधे में बिठाकर सुरक्षित स्थान पर ले जा रहा है। बच्चियों के लिए फरिश्ता बने कॉन्स्टेबल को देखकर लोगों को हनुमान याद आ गए जिन्होंने इसी तरह अपने कंधे पर भगवान श्रीराम और लक्ष्मण को बिठाया था और सुग्रीव से मिलाने के लिए ऋष्यमूक पर्वत की चोटी पर ले गए थे।

विडियो में चारों ओर सैलाब दिख रहा है और कमर तक भरे पानी में ही पुलिसकर्मी ने करीब डेढ़ किमी तक चलकर बच्चियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। यह विडियो गुजरात के मोरबी शहर का है। मोरबी के इस पुलिस कॉन्स्टेबल का नाम पृथ्वीराज सिंह जडेजा है जिनके रेस्क्यू ऑपरेशन का विडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल विडियो को देखकर हर कोई पृथ्वीराज सिंह जडेजा के साहस और समर्पण की तारीफ कर रहे हैं। देखें विडियो

वासुदेव बने सब-इंस्पेक्टर का विडियो भी हुआ था वायरल

इससे पहले गुजरात के वडोदरा में भी एक सब-इंस्पेक्टर रैंक का ऐसा ही विडियो वायरल हुआ था। विडियो में सब-इंस्पेक्टर जीके चावड़ा बारिश और कंधे तक भरे पानी में एक महीने की बच्ची को टोकरी में डाल अपने सिर पर रखकर रास्ता पार कर रहे थे। इस विडियो को देखकर सबने जीके चावड़ा को आज के जमाने का वासुदेव बताया जो यमुना के तेज प्रवाह के बीच नवजात कृष्ण को इसी तरह लेकर निकले थे। मोरबी में बारिश और बाढ़ के चलते हालात बेहद खराब हो गए हैं। यहां पचीसवारिया इलाके में शनिवार को बारिश के कारण एक दीवार ढह गई। इस हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई जबकि कई घायल हुए। गुजरात में अब तक 6 हजार से अधिक लोगों को रेस्क्यू किया जा चुका है।

गुजरात में बारिश से अब तक 19 की मौत

गुजरात में वर्षाजनित घटनाओं में 19 लोगों की मौत हो चुकी है। राज्य में शनिवार सुबह तक 77.80 फीसद वर्षा हुई। मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने कहा, ‘17 बांधों से पानी बह रहा है। पिछले साल मॉनसून के आखिर तक बांधों में बस 56 फीसद पानी था। इस साल बांधों में पहले से ही 60 फीसद पानी था।