बरसात में खाद्य पदार्थों की सुरक्षा

 

 

बरसात का आना सभी को अच्छा लगता है। गर्मी से राहत और बूंदों का उत्सव सभी के मन को भाता है। इस मौसम में कुछ सावधानियां भी रखना जरूरी होता है खास तौर पर बरसात में खाद्य पदार्थों की सुरक्षा के लिए। इस मौसम के आने से पहले ही रसोई में रखी खाद्य सामग्री की सुरक्षा बहुत जरूरी हो जाती है।

बारिश के मौसम में नमी की वजह से गेहूं, दालें, मसाले, अचार आदि खराब हो जाते हैं। बरसात में खाद्य पदार्थों की सुरक्षा सही ढंग से न रखने पर सामान और समय दोनों की बबार्दी होती है। इस मौसम में निम्न बातों का खास तौर पर ध्यान रखना चाहिए।

दाल, चावल, मसालों को एयरटाइट डब्बों में रखें। गेहूं का भण्डारण किया है तो बारिश के दिनों के आने से पहले उन्हें धूप दिखाएं और साफ सूखे बर्तन में पहले नीम की सूखी पत्तियों को बिछाएं फिर उसमें गेहूं भरें। आधा डिब्बा भर जाने पर एक मलमल का कपड़ा बिछाएं, उस पर दुबारा से नीम की सूखी पत्तियों की परत लगाएं फिर कपड़ा डालकर बाकी गेहूं भरें।

जब गेहूं पूरी तरह भर जाएँ तो फिर से नीम की सूखी पत्तियों की एक परत लगाएं। ढक्कन बंद करते समय ढक्कन के बीच एक पॉलीथिन लगा दें ताकि आपका अनाज पूरी तरह सुरक्षित रहे। नीम लगभग ५०० तरह के कीड़ों मकोड़ों को मारने में कारगर रहता है।

चावलों के स्टोरेज में प्रतिकिलो के हिसाब से प्रतिग्राम बोरिक पॉवडर मिलाएं, चावलों में घुन नहीं लगेगा। अनाज के स्टोरेज में पारद की गोलियां रखने से भी कीड़े नहीं लगते हैं। दालें बारिश के मौसम में एयरटाईट डब्बों में रखने पर भी कई बार नमी से घुन लगने से खराब हो जाती हैं इसके लिए इनमें भी पारद की गोलियां रखी जा सकती हैं। एक किलो दाल में ७ गोलियां काफी हैं धनिया पॉवडर और हल्दी पॉवडर को भी सूखी साफ प्लास्टिक की थैलियों में दोहरा पैक किया जाना चाहिए और उनमें साबुत नमक भी डाल देना चाहिए।

पिसी मिर्च को रखने के लिए उसमें पिसा थोड़ा सा नमक और कुछ बूँदें सरसों के तेल की डाल कर रखने से मिर्च खराब नहीं होगी। पिसे नमक को डब्बे में भरने से पहले बारिश के दिनों में उस में ब्लॉटिंग पेपर बिछाएं और एक छोटे से मलमल के कपड़े के टुकड़े में एक चम्मच चावल बाँध कर रख दें फिर नमक भरें।

बरसात के मौसम में बिस्कुट भी जल्दी सील जाते हैं इसलिए इसके डब्बे में भी पहले ब्लॉटिंग पेपर बिछाएं फिर थोड़े से चीनी के दाने डालें, बिस्कुट निकालने के बाद तुरंत डब्बे को बंद करें, बिस्कुट दुबारा पैक करने से पहले ओवन में तीस सेकंड गर्म करें फिर ठंडा होने पर बंद करें।

कॉफी पॉवडर, होर्लिक्स, बोर्नविटा आदि भी इस मौसम में जम जाते हैं इन्हें फ्रिज में रखें और हर बार सूखी चम्मच से निकालें। माचिस प्रयोग करने के बाद पॉलीथिन में रखें और गीले हाथों से न छुएं। सूजी, दलिया आदि को भूनकर एयरटाइट डब्बे में रखें। भुना हुआ होने से इनमें कीड़ा नहीं लगेगा। अचार को बारिश के मौसम में थोड़ा थोड़ा शीशियों में निकाल कर रखें।

(साई फीचर्स)

3 thoughts on “बरसात में खाद्य पदार्थों की सुरक्षा

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