जाम को लेकर संजीदा हुआ प्रशासन

 

 

सुबह से ही चाक चौबंद रहा मोहगांव खवासा मार्ग

(अखिलेश दुबे)

सिवनी (साई)। मोहगांव से खवासा के बीच निर्माणाधीन फोरलेन सड़क पर जाम न लग पाए इसको लेकर जिला एवं पुलिस प्रशासन रविवार को पूरी तरह संजीदा नजर आया। दिन भर मोहगांव से लेकर खवासा के बीच मार्ग में पुलिस के वाहन भी पेट्रोलिंग करते दिखे।

जिला प्रशासन के उच्च पदस्थ सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि रविवार को सुबह से ही कुरई पुलिस के साथ ही साथ लखनवाड़ा और यातायात पुलिस भी मोहगांव से खवासा के बीच पूरी तरह मुस्तैद दिखाई दे रही थी। ऐसा संभवतः इसलिए किया गया था क्योंकि नागपुर में एक कार्यक्रम में भाग लेने के बाद मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के माननीय चीफ जस्टिस रविवार की शाम को नागपुर से कुरई के रास्ते जबलपुर जाने वाले थे।

सूत्रों ने आगे बताया कि कुरई घाट में बार बार लगने वाले जाम से निजात पाने जिला प्रशासन के द्वारा किसी तरह के प्रयास तो नहीं किए जा रहे हैं पर जब भी किसी व्हीव्हीआईपी का मूवमेंट होता है तब प्रशासन अवश्य ही सक्रिय नजर आता है। कमोबेश इसी तरह की स्थिति तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की जनाशीर्वाद यात्रा के दौरान बनी थी, उस समय माडल रोड पर मिशन स्कूल से सर्किट हाऊस के बीच की लाईट को एक दिन के लिए जलवा दिया गया था। इसके बाद से ये लाईट बंद ही पड़ी हुई हैं।

सूत्रों ने बताया कि मोहगांव से खवासा के बीच बड़े ट्राला आदि को रोक दिया गया था। महाराष्ट्र सीमा पर मेटेवानी जांच चौकी के पास तो इधर गोपालगंज के पास सड़कों के किनारे सुबह से ही ट्राले खड़े नजर आ रहे थे। छोटे वाहन और हल्के ट्रकों के अलावा यात्री बसों को इस मार्ग से गुजरने दिया जा रहा था। इसके साथ ही साथ खवासा, कुरई, मोहगांव, गोपालगंज आदि में यात्री वाहनों को सवारियां भरने और उतारने में भी परेशानी का सामना करना पड़ा।

सूत्रों ने बताया कि चीफ जस्टिस लगभग पौने छः बजे रूखड़ पहुंचे वहां उन्होंने स्वल्पाहर लिया और इसके बाद वे जबलपुर के लिए रवाना हो गए। उनके जाने के बाद जिला प्रशासन के अधिकारियों ने राहत की सांस ली। रविवार को दोपहर में जिलाधिकारी प्रवीण सिंह और जिला पुलिस अधीक्षक कुमार प्रतीक भी रूखड़ में मौजूद रहे और सड़क पर जाम न लग पाए इस पर नजर रखे हुए थे।

सोशल मीडिया पर नागपुर रोड पर रविवार को जाम न लगने की खबर पर लोगों ने तरह तरह की प्रतिक्रियाएं दी हैं। पेशे से वकील दादू निखलेंद्र नाथ सिंह का कहना था कि चीफ जस्टिस को रोज आना चाहिए, कम से कम प्रशासन कुछ तो करेगा! नहीं तो बीमार अगर दम भी तोड़ दे तो उनको कोई फर्क नहीं पड़ेगा।

बताया जाता है कि मोहगांव से खवासा के बीच जर्जर हो चुकी सड़क में यात्री वाहनों सहित छोटे वाहनों के टायर या तो पंचर हो रहे हैं या फिर फट ही जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि मोहगांव से खवासा के बीच का सड़क का हिस्सा वर्तमान में दस साल पहले से बुरी स्थिति में पहुंच चुका है, जबकि इस सड़क को मोटरेबल बनाए रखने की जवाबदेही इस सड़क का निर्माण कराने वाले ठेकेदार की है।

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