कोतवाली में भारत माता की प्रतिमा!

 

 

(शरद खरे)

दो साल पहले स्वाधीनता दिवस के पहले शहर से लगे मरझोर ग्राम में स्थापित होने वाली भारत माता की प्रतिमा के प्रकरण में शिकायत करने के बाद प्रशासन ने इसे जप्त कर लिया गया था। इसके बाद से यह प्रतिमा कोतवाली परिसर में रखी धूल खा रही है।

जब भारत माता की प्रतिमा को जप्त कर ट्रेक्टर ट्राली में कोतवाली लाया जा रहा था उस समय ट्राली का संतुलन बिगड़ा और यह गिर गई थी। इसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था। विडम्बना ही कही जाएगी कि दो सालों बाद भी कांग्रेस भाजपा के नुमाईंदां के द्वारा इसकी सुध नहीं ली गई है।

जिस समय यह घटना घटी थी उस समय प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व वाली भाजपा काबिज थी, वर्तमान में प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है। इसके बाद भी न तो तत्कालीन सांसद, विधायकों ने इस मामले में किसी तरह की पहल की और न ही अब सांसद और विधायकों के द्वारा ही कोई कदम उठाया जा रहा है।

भारत माता की प्रतिमा की स्थापना में स्थान को लेकर विवाद इसकी तह में बताया जा रहा है। यह विवाद अपनी जगह है पर भारत माता की प्रतिमा को कोतवाली से निकालकर किसी अन्य सरकारी स्थान पर सुरक्षित रखने के प्रयास किए जाने चाहिए। जिस तरह खनिज विभाग के द्वारा अवैध रूप से रेत या गिट्टी आदि ले जाने वाले डंपर्स को कलेक्टर कार्यालय परिसर में रखा जाता है उसी तरह इस प्रतिमा को भी यहां सुरक्षित रखा जा सकता है।

वैसे इस मामले में प्रशासन को चाहिए कि इसको लगवाने वाले विपत लाल विश्वकर्मा को इस बात के लिए तैयार किया जाए कि इस प्रतिमा को मरझोर के बजाए शहर के अंदर किसी स्थान पर लगवाया जाए तो बात बन सकती है। विपल लाल विश्वकर्मा के द्वारा अपने घर पर ही एक म्यूजियम बनाया गया है जिसमें आजादी से जुड़ी चीजों को उन्होंने सहेजकर रखा है। इस लिहाज से यह उम्मीद की जा सकती है कि वे इस बात के राजी हो जाएंगे कि प्रतिमा की स्थापना किसी अन्य स्थान पर कर दी जाए।

देखा जाए तो सर्किट हाऊस के मुख्य द्वार पर लगी मोगली की प्रतिमा के बाजू में दो तीन सालों से बना एक चबूतरा आज भी खाली पड़ा है। नगर पालिका परिषद के द्वारा इसे क्यों बनाया गया है! इस बारे में शायद ही कोई जानता हो। इस स्थान पर भी भारत माता की प्रतिमा की स्थापना की जा सकती है।

जिला प्रशासन, कांग्रेस के जिला अध्यक्ष राज कुमार खुराना, भाजपा के जिला अध्यक्ष प्रेम तिवारी आदि को चाहिए कि वे इस मामले में पहल करें और दो सालों से कोतवाली परिसर में धूल खा रही भारत माता की प्रतिमा को उचित स्थान पर स्थापित कराए जाने के मार्ग प्रशस्त करें।