नौ साल पहले इसी अस्पताल में घटना हुई थी तो कैसे अनुमति मिल गई

 

 

 

 

 

(ब्यूरो कार्यालय)

भोपाल (साई)। इंदौर आई हॉस्पिटल में मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद 11 मरीजों की आंखों की रोशनी जाने की घटना पर मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ट्वीट किया है।

उन्होंने घटना पर दुख जताते हुए कलेक्टर को जांच करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने जांच में इन सवालों के जवाब मांगे हैं कि नौ साल पहले भी इसी हॉस्पिटल में ऐसी ही घटना हुई थी तो कैसे अस्पताल को फिर अनुमति दी गई? कमलनाथ ने सभी मरीजों को अन्य अस्पताल में बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने से लेकर पीड़ित मरीजों की हरसंभव मदद करने के निर्देश भी प्रशासन को दिए हैं।

उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी ने कहा कि डॉक्टरों के खिलाफ भी आपराधिक प्रकरण दर्ज कराया जाएगा। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद राकेश सिंह ने मांग की है कि ऑपरेशन करने वाले अस्पताल का केवल लाइसेंस रद्द करने से मरीजों को आंखें ठीक नहीं होने वाली। उन्हें इतनी राशि दी जाए कि वे भविष्य का इंतजाम कर सकें। भाजपा नेता गोविंद मालू ने कहा कि यह सरकार की प्रशासकीय अराजकता और असावधानी का परिणाम है।