रेलवे के रनिंग स्टाफ को करनी होगी 4 रात ड्यूटी

 

 

 

 

 

(ब्यूरो कार्यालय)

जबलपुर (साई)। पश्चिम मध्य रेल जबलपुर सहित अब देश भर में रेलवे के रनिंग स्टाफ लोको पायलट को अब उनकी ड्यूटी के तहत चार रात की ड्यूटी अनिवार्य रूप से करनी होगी। इसके लिए रेलवे बोर्ड ने हाई पॉवर कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर सभी जोन को निर्देश जारी कर दिए हैं।

दरअसल रेलवे यूनियनों ने मांग की थी कि प्रत्येक लोको पायलट से 14 दिन के ड्यूटी रोस्टर में रात की ड्यूटी 2 रात की रहे जिसके लिए रेलवे द्वारा रेल बोर्ड द्वारा विचार किया जा रहा था। इसके पूर्व हाई पॉवर कमेटी ने जो रोस्टर तैयार किया था उसमें रात की ड्यूटी चार रात से बढ़ाने का विचार था लेकिन पूर्व के आदेशों को ही रेलवे बोर्ड ने यथावत रखते हुए लोको पायल की रात की ड्यूटी न तो बढ़ाई है और न ही कम की है। उन्हें 4 रात अनिवार्य रूप से ड्यूटी करना होगी। इसके पीछे रेलवे ने संरक्षा और यात्री सुरक्षा को ध्यान पर रखते हुए निर्देश दे दिए हैं।

इस प्रकार होती है ड्यूटी : रेलवे में अन्य कर्मचारियों की आठ घंटे ड्यूटी रोस्टर की भांति लोको पायलट की ड्यूटी नहीं होती। उनकी ड्यूटी लिंक ट्रेन पर आधारित है। जिसमें 14-14 दिन के हिसाब से 28 दिन का ड्यूटी रोस्टर बनाया जाता है। लोको पायटल को इसमें 22 घंटे के 5 या 30 घंटे के 4 विश्राम दिए जाते हैं। अधिकारियों की कोशिश होती है कि लोको पायलट को 14 दिन में 22 घंटे के दो या 30 घंटे के विश्राम दिए जाएं। ताकि वे स्वस्थ्य मन से ट्रेनों का परिचालन कर सकें। इसे देखते हुए रेलवे ने 14 दिन में केवल 4 रात लोको पायलटों को ट्रेन चलाने अनिवार्य किया है।