अल्पवधि रोजगारन्मुखी प्रशिक्षण का हुआ शुभारंभ

 

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। विद्यार्थियों को अध्ययन के साथ-साथ स्वरोजगार को लेकर भी प्रयास करना चाहिए जिससे वह अपना संर्वागीण विकास कर सके और रोजगार प्राप्त कर सके।

उक्त उदगार स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन योजना अंतर्गत अल्पवधि रोजगारन्मुखी प्रशिक्षण शिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ.एस.के. चिले ने व्यक्त किये। आपने आगे कहा किसी भी विद्यार्थी को श्रेष्ठ बनाने की अपेक्षा काबिल बनाना जरूरी है यदि विद्यार्थी काबिल रहा तो अपने आप श्रेष्ठ बन जायेगा। वर्तमान में हर विद्यार्थी को अपने लक्ष्य निर्धारित करने की जरूरत है। बच्चों के साथ-साथ माता,पिता की अपेक्षा भी अलग-अलग है माता,पिता को चाहिए कि अपने बच्चों की रूची के अनुसार आगे बढऩे की प्रेरणा दें और विद्यार्थी को चाहिए वह अपना लक्ष्य निर्धारित करें।

इस अवसर पर कार्यक्रम प्रभारी डॉ.दयाराम डहेरिया ने प्रशिक्षण की रूपरेखा व महत्व तथा रोजगार प्राप्ति में इसकी उपयोगिता पर प्रकाश डाला। आयोजन में अध्यरित कोंचिग के संचालक आशीष सोनी ने व्यक्तित्व विकास पर अपने विचार व्यक्त किये। कार्यक्रम में एसएस बघेल रिटायर्ड डिप्टी कलेक्टर,डॉ.अरविंद चौरसिया,पवन वासनिक,प्रो.ग्वालवंशी, ओमप्रकाश जैन आदि उपस्थित रहे।