जैव विविधता को लेकर मनाया गया हरियाली महोत्सव

 

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)।हरियाली महोत्सव को शासन से जोडऩे का अभिप्राय यह है कि लोग इसके महत्व को समझे और अधिक से अधिक पेड़ लगायें जैव विविधता के अंतर्गत प्रकृति में जीव की उत्पत्ति से लेकर इन जीवों का भरण, पोषण एवं अंतिम समय तक क्रियाओं के कारण ही मनुष्य का जीवन सुरक्षित है।

 उक्त उदगार कन्या महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ.अर्चना चंदेल ने इस कार्यक्रम के समापन अवसर पर छात्राओं को संबोधित करते हुए व्यक्त किये। आपने कहा कि इस बात को लोग समझे और जिससे प्रकृति को बचा सकें। इसी उद्देश्य से एक माह तक उच्च शिक्षा विभाग के निर्देश पर हरियाली महोत्सव का आयोजन किया गया है।

कार्यक्रम में डॉ.शेषराव नावंगे ने कहा कि विज्ञान संकाय के लोग अच्छे से जानते है कि सूक्ष्म जीवों की संरचना से प्रकृति का निर्माण होता है और प्रकृति रहेगी तो जीवन रहेगा आज के दौर में लगातार प्रकृति के साथ हो रही छेड़छाड़ के चलते मनुष्य का जीवन सुरक्षित नही है और ऐसी स्थिति में अगर हम प्रकृति को बचायेंगे तो निश्चित ही इससे मनुष्य का जीवन बचेगा।

प्रो.सोनम जायसवाल ने कहा कि हर व्यक्ति को चाहिए कि वह अपने आसपास वृक्षों को लगायें और इस हरियाली महोत्सव को सार्थक करें। अनीता कुल्हाड़े ने कहा कि जल, जंगल, जमीन, वायु, अग्रि इन पांच तत्वों से मिलकर पृथ्वी की रचना होती है और इनमें से एक भी चीज की कमी होगी तो लोग सांस नही ले पायेंगे और जीवों के लिए जीना मुश्किल हो जायेगा ऐसे में हमारा सबका दायित्व है कि इन पांच तत्वों को बचाने के लिए प्रयास करें।