बिना उपयोग जर्जर होता हॉस्टल!

 

 

(शरद खरे)

सिवनी में सियासतदारों की पकड़ प्रशासन पर वास्तव में कमजोर ही हो चुकी है। इसके अनेक जीते जागते उदहारण हैं। हमारी कौन सुन रहा है! हम किससे कह दें! अगर कहेंगे तो वे नहीं मानेंगे! अभी हम पर तबादलों के आरोप लगने आरंभ हो जाएंगे! पड़े तो रहने दो! जैसे जुमले सियासतदारों की जुबान पर किसी भी समस्या को बताए जाते ही आ जाते हैं।

सिवनी में पालीटेक्नि कॉलेज है। एक समय में यह आबादी से बहुत ही ज्यादा दूर हुआ करता था। साठ के दशक में इसकी संस्थापना करवाई गई थी। पालीटेक्निक कॉलेज से पढ़कर न जाने कितने विद्यार्थी आज देश प्रदेश और विदेशों में नाम रोशन कर रहे हैं। पालीटेक्निक कॉलेज में ब्वायज हास्टल हैं, पर एक ब्वायज हास्टल जर्जर हालत में पहुंचने के कारण बंद कर दिया गया है।

इसके अलावा छात्राओं की संख्या को देखते हुए पालीटेक्निक कॉलेज में गर्ल्स हास्टल बनाने का प्रस्ताव प्रशासन के द्वारा भेजा गया। 79 लाख 25 हजार रूपए की लागत से बने इस छात्रावास के निर्माण का काम 11 जनवरी 2013 को आरंभ कराया गया था। यह छात्रावास नौ माह की अवधि में पूरा कर लिया जाना चाहिए था।

विडम्बना ही कही जाएगी कि छः साल बाद भी इस भवन का उपयोग छात्रावास के रूप में नहीं किया जा पा रहा है। बताते हैं कि इस छात्रावास को अभी तक गृह निर्माण मण्डल के द्वारा पालीटेक्निक प्रशासन को नहीं सौंपा है। वहीं, पालीटेक्निक प्रशासन के द्वारा भी इस छात्रावास को अपने अधीन लेकर आरंभ कराने की कोशिश इतने सालों में नहीं किया जाना आश्चर्य जनक ही माना जाएगा।

इस छात्रावास में आज भी बिजली का कनेक्शन नहीं है। पिछले दिनों चुनावों के दौरान यहां कुछ काम कराए गए थे। उस समय ठेकेदार के द्वारा पास के मरहाई माता मंदिर से तार खींचकर काम कराया गया था। यह अपने आप में आश्चर्य से कम नहीं है कि शहर के पॉश इलाके में स्थित इस छात्रावास के ठूंठ जैसे खड़े भवन को जिले के सियासतदार छः सालों से देख रहे हैं पर कर कुछ भी नहीं पा रहे हैं।

इस छात्रावास भवन में पानी निकासी के पाईप जर्जर होकर टूट फूट रहे हैं। पालीटेक्निक मैदान रात के समय अघोषित आहते में तब्दील हो जाता है यह बात किसी से छिपी नहीं है। यहां मयजदे रात में मदिरापान कर धमाल मचाते हैं। कुछ शरारती तत्वों के द्वारा इस छात्रावास में लगे लगभग सभी कांचों को तोड़ दिया गया है।

अगर इस छात्रावास का उपयोग नहीं करना था तो इसे बनाया ही क्यों गया! इस मामले में सिवनी के तत्कालीन निर्दलीय विधायक (वर्तमान में भाजपा के विधायक) दिनेश राय के द्वारा भी विधान सभा में प्रश्न उठाने से गुरेज ही किया गया। इस मामले में कांग्रेस भाजपा की जिला और नगर इकाईयां मौन साधे हुए हैं। संवेदनशील जिलाधिकारी प्रवीण सिंह से जनापेक्षा है कि इस मामले में वे ही कुछ पहल करें ताकि इस छात्रावास को आरंभ कराया जा सके, ताकि बाहर से आकर विद्यालय में पढ़ने वाली छात्राओं को सुविधा हो सके।