शहर में सप्लाई हो रहा गंदा पानी

 

 

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। बारिश का दौर जारी है और शहर में मटमैला – बदबूदार पानी पीकर लोग पेट की बीमारियों से जूझ रहे हैं।

नगर पालिका परिषद में जलशोधन के लिये करोड़ों रुपये की लागत से दो फिल्टर प्लांट बने हुए हैं, जिनमें हर साल लाखों रुपये की एलम पानी को साफ करने के लिये खरीदी जाती है। बावजूद इसके नगर वासियों को पीने के लिये शुद्ध पेयजल नहीं मिल पा रहा है।

शहर का शायद ही कोई ऐसा हिस्सा हो जहाँ के निवासियों के द्वारा यह कहा जा रहा हो कि भारतीय जनता पार्टी शासित नगर पालिका परिषद द्वारा पीने के लिये साफ पानी सप्लाई किया जा रहा है। लोगों का कहना है कि पालिका के द्वारा प्रदाय किया जाने वाला यह पानी पीने के लायक तो छोड़िये अन्य उपयोग के लायक भी नहीं है।

समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया से चर्चा के दौरान लोगों ने यह कहा कि साफ पेयजल उपलब्ध कराना नगर पालिका परिषद का मुख्य दायित्व है, लेकिन नगरवासी गंदा पानी पीने के लिये विवश हैं। लोगों का आरोप है कि बारिश में गंदे पानी के उपयोग से संक्रामक बीमारियों की आशंका बनी रहती है।

उल्लेखनीय होगा कि सिवनी शहर की प्यास बुझाने के लिये नगर पालिका परिषद के स्वामित्व में श्रीवनी और बबरिया में फिल्टर प्लांट हैं। इन दोनों प्लांट्स में हर साल लाखों रूपयों की फिटकरी और ब्लीचिंग पाऊडर को खरीदा जाता है। इसके बाद भी अगर लोग गंदा पानी पी रहे हैं तो यह आश्चर्य से कम नहीं है। इसके अलावा भीमगढ़ जलावर्धन योजना की पूरक जलावर्धन योजना का काम भी तीन साल विलंब से ही चल रहा है।

सरकारी और निजि अस्पतालों में इन दिनों उल्टी दस्त के मरीजों की भीड़ देखकर इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि नगर पालिका परिषद के द्वारा किस तरह का पानी प्रदाय किया जा रहा है। लोगों ने जिला प्रशासन के ध्यानाकर्षण की जनापेक्षा व्यक्त की है।