नक्सलवाद से निपटने मुख्यमंत्री ने दिए प्रभावी सुझाव

 

(ब्यूरो कार्यालय)

नई दिल्ली (साई)। नक्सल प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की समीक्षा बैठक में भाग लेते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमल नाथ ने प्रदेश में नक्सल समस्या से निपटने के लिए केन्द्र सरकार को प्रभावी सुझाव दिये।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के दो जिलों मण्डला और बालाघाट के अलावा अनूपपुर, उमरिया और डिंडोरी जिलों को भी नक्सल प्रभावित जिलों की श्रेणी में जोड़ने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इन तीन जिलों में नक्सली समस्या उभर न पाये, इसके लिए केन्द्र और राज्य सरकार दोनों मिलकर प्रयास करेें। उन्होंने अनुरोध किया कि एकीकृत कार्य योजना के तर्ज पर इन जिलों में भी विकास कार्यों की योजना बनाई जाय।

साथ ही मुख्यमंत्री ने सशक्त संचार माध्यम विकसित करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि पिछड़े इलाकों में 3जी, 4जी की सेवाएं न होने के कारण सूचनातंत्र प्रभावी नहीं है। उन्होंने पिछडे़ क्षेत्रों में बी.एस.एन.एल. की सेवा संतोषजनक नहीं होने के कारण निजी टेलीकॉम ऑपरेटरों की सेवाएं लेने की वकालत की, जिससे सूचनातंत्र 3जी और 4जी के माध्यम से प्रभावी हो सके।

कमल नाथ ने बताया कि अभी मण्डला और डिंडोरी के केवल तीन विकास खण्डों में एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय हैं। कमल नाथ ने अनुरोध किया कि शेष नौ विकास खण्डों में भी एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय खोले जायें। इसके अलावा आई.टी.आई, पालिटेक्नीक आदि भी नक्सल प्रभावित इलाकों में खोलने की मांग की जिससे युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हो सके और वे उग्रवाद विचारधारा से दूर रहे। मुख्यमंत्री ने नक्सल प्रभावित इलाकों के लिए इंडिया रिजर्व बटालियन की संख्या बल बढ़ाकर प्रभावित इलाकों में इन अतिरिक्त जवानों की तैनाती की मांग की।