फर्जी वेबसाईट बनाकर ठगने वाले धराए

 

 

 

 

मानव संसाधन मंत्रालय की फर्जी वेबसाइट बनाकर बेरोजगारों को ठगने वाले दंपती गिरफ्तार

(ब्यूरो कार्यालय)

भोपाल (साई)। केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय की फर्जी वेबसाइट और ई-मेल आईडी के सहारे मुंबई के दंपती ने भोपाल व इंदौर के दो बेरोजगारों से करीब साढ़े 18 लाख रुपए से ज्यादा की ठगी की।

इंदौर के बेरोजगार इंजीनियर को ठग दंपती ने करीब सात महीने तक धोखे में रखा और देशभर के कई सरकारी दफ्तरों में भेजा। उनसे सबसे ज्यादा 17 लाख 11 हजार रुपए की राशि ठगी। सायबर पुलिस ने दंपती को मुंबई से गिरफ्तार कर लिया है।

बताया जाता है कि इंदौर और भोपाल सायबर पुलिस ने मिलकर मुंबई निवासी दंपती सोहेल अहमद व जाहिरा अहमद को गिरफ्तार किया है। सोहेल की एक पत्नी रिटायर्ड ब्रिगेडियर की बेटी व एक एमबीए पास है। वह कुछ समय इंदौर के बेलमोंट पार्क व ओशियन पार्क में किराए पर रहा। सोहेल अहमद के पिता स्व. अफजल जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय दिल्ली में समाज शाा के प्रोफेसर थे, जिनके सरकारी दफ्तरों में जाते समय उसे मानव संसाधन मंत्रालय के सेंटर फॉर डेवलपमेंट स्टडीज में जाने का भी मौका मिला।

पिछले दिनों उसने एक अंग्रेजी दैनिक में सेंटर फॉर डेवलपमेंट स्टडीज में असिस्टेंट प्रोजेक्ट मैनेजर के पद पर नियुक्ति का विज्ञापन प्रकाशित कराया था। विज्ञापन में उसने एक ई-मेल और एक वेबसाइट का उल्लेख किया। सरकारी वेबसाइट दिखाने के लिए उसने वेबसाइट में डॉट जीओवी डॉट इन की जगह डेश जीओवी डॉट दिखाया। इंदौर के एक इंजीनियर हर्षित भारद्वाज तथा भोपाल के सैयद अखलाक ने विज्ञापन के आधार पर आवेदन कर दिया।

सायबर पुलिस के मुताबिक ,कुछ महीने पहले हर्षित व अखलाक को नियुक्ति मिलने की सूचना मिली। उन्हें अतिरिक्त निदेशक रणविजय सिंह के नाम से सोहेल अहमद ने सूचना दी थी। हर्षित को एक लाख 10 हजार रुपए वेतन बताया गया और कहा गया कि आपको प्रोजेक्ट के सिलसिले में विभिन्न् शहरों में अधिकारियों से मुलाकात करने जाना होगा।

हर्षित को वह फोन कर यात्रा टिकट भेजकर कभी भोपाल, कभी दिल्ली के शााी भवन, कभी जयपुर तो कभी तेलंगाना और अन्य जगहों पर भेजता रहा। उससे दिल्ली के तीन अलग-अलग खातों में 125 बार में 17 लाख 11 हजार रुपए जमा करवाए तो अखलाक से डेढ़ लाख रुपए की राशि जमा करवाई।

सात महीने आमने-सामने नहीं आया

हर्षित को सात महीने वह एक शहर से दूसरे शहर में घुमाता रहा, लेकिन कभी आमने-सामने मुलाकात नहीं की। जब शक हुआ तो हर्षित और अखलाक ने सायबर पुलिस से शिकायत की। जांच के दौरान मैसूर की एक लड़की के साथ भी ठगी का पता चला। पुलिस वहां पहुंच पाती, उससे पहले वह भाग गया। बाद में उसे मुंबई के गोरेगांव स्थित निवास से गिरफ्तार किया गया।

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