नपा की मेहरबानी से केरल दर्शन सिवनी में

 

 

मुझे शिकायत नगर पालिका सिवनी से है क्योंकि नगर पालिका की ही यह कार्यप्रणाली है कि यहाँ जरा सी तेज बारिश में ही केरल जैसी बाढ़ के हालात उत्पन्न हो जाते हैं लेकिन उसके बाद भी नगर पालिका प्रशासन कोई सीख लेता हुआ नहीं दिख रहा है।

सिवनी में 05 जुलाई को, इस वर्ष की अभी तक की सर्वाधिक बारिश संभवतः दर्ज की गयी होगी। इस दौरान सिवनी में स्थान-स्थान पर भयंकर जल भराव की स्थिति बन गयी। ऐसा लग रहा था कि सिवनी के वे क्षेत्र जहाँ पानी भरा हुआ था वह किसी बाँध के डूब क्षेत्र में आते होंगे। सिवनी में जल भराव की स्थिति जरा सी बारिश में भी बार-बार क्यों बन रही है, इस पर ध्यान दिये जाने की आवश्यकता है जो नहीं दिया जा रहा है। इसके बाद चार बार और ज्यादा पानी गिरा तब भी हालात इसी तरह के बने।

बारिश के इन दिनों में सिवनी के निचले क्षेत्रों के लोगों को लगातार ही परेशानियों का सामना करना पड़ता है। मजे की बात तो ये है कि सिवनी के ऐसे अधिकांश क्षेत्र जो अब निचले क्षेत्रों में तब्दील हो गये हैं वे कुछ समय पहले ही सामान्य क्षेत्रों में शुमार थे लेकिन सिवनी में नयी सड़कों का निर्माण कुछ इस तरह की तकनीक से किया जाता है कि सड़कें ऊँची हो जाती हैं जिसके चलते उनके आसपास का क्षेत्र अपने आप ही नीचे चला जाता है।

इन सड़कों के आसपास नालियां भी इस तरह से बनायी गयी हैं कि इन सड़कों का पानी सीधे नालियों में नहीं जा पाता है। इसके पीछे निश्चित ही तकनीकि खामी होगी और जिसे कुशल इंजीनियर के द्वारा अंजाम नहीं दिया जा रहा होगा। वैसे सिवनी में जितने भी निर्माण कार्य हो रहे हैं उनमें किसी इंजीनियर की मौजूदगी नहीं देखी जाती हैं ऐसे में ठेकेदार के द्वारा जैसा उसका मन होता है वैसा निर्माण कार्य करवा दिया जाता है।

बारिश के इन दिनों में कटंगी नाका के उस क्षेत्र में सर्वाधिक परेशानी है जहां रेल्वे क्रासिंग पर ओवर ब्रिज का निर्माण किया जा रहा है। यहां बारिश के पहले ठेकेदार के द्वारा विचलन मार्ग को पक्का नहीं बनाए जाने से आए दिन लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस मामले में नगर पालिका, रेल प्रशासन और जिला प्रशासन को ध्यान देने की आवश्यकता है।

आदित्य अवस्थी