गणेश जी की करें वैदिक विधि से पूजा

 

प्रसन्न होकर कर देंगे मालामाल

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। गणेश चतुर्थी आने में महज चार दिन शेष बचे हैं। भगवान गणेश को प्रसन्न करने के लिए बच्चे, बूढ़े और जवान सभी अपने अपने सामर्थ्य अनुसार पूजन करते हैं। कोई लड्डू का भोग लगाता है तो कोई मोदक भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करना चाहता है।

शास्त्रों के अनुसार यदि भगवान गणेश का सच्चे मन से एवं वैदिक विधि से पूजन किया जाए तो वे जल्द प्रसन्न होते हैं। भगवान गणेश प्रसन्न होने पर मालामाल कर देते हैं।

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार सनातन एवं हिन्दू शास्त्रों में भगवान गणेश जी को, विघ्नहर्ता अर्थात सभी तरह की परेशानियों को खत्म करने वाला बताया गया है। पुराणों में गणेशजी की भक्ति शनि सहित सारे ग्रहदोष दूर करने वाली भी बताई गई हैं। बुधवार के शुभ दिन गणेशजी की उपासना से व्यक्ति का सुख-सौभाग्य बढ़ता है और सभी तरह की रुकावटे दूर होती हैं।

गणेश भगवान की पूजा विधि : प्रातः काल स्नान ध्यान आदि से सुद्ध होकर सर्व प्रथम ताम्र पत्र के श्री गणेश यन्त्र को साफमिट्टी, नमक, निम्बू से अच्छे से साफ करें। पूजा स्थल पर पूर्व या उत्तर दिशा की और मुख कर के आसान पर विराजमान हो कर सामने श्री गणेश यन्त्र की स्थापना करें।

शुद्ध आसन में बैठकर सभी पूजन सामग्री को एकत्रित कर पुष्प, धूप, दीप, कपूर, रोली, मौली लाल, चंदन, मोदक आदि गणेश भगवान को समर्पित कर, इनकी आरती की जाती है। अंत में भगवान गणेश जी का स्मरण कर ओम गं गणपतये नमः का 108 नाम मंत्र का जाप करना चाहिए।

परिवार और व्यक्ति के दुःख दूर करते हैं यह सरल उपाय : बुधवार के दिन घर में सफेद रंग के गणपति की स्थापना करने से समस्त प्रकार की तंत्र शक्ति का नाश होता है। धन प्राप्ति के लिए बुधवार के दिन श्री गणेश को घी और गुड़ का भोग लगाएं। थोड़ी देर बाद घी व गुड़ गाय को खिला दें। ये उपाय करने से धन संबंधी समस्या का निदान हो जाता है।

परिवार में कलह कलेश हो तो बुधवार के दिन दूर्वा के गणेश जी की प्रतिकात्मक मूर्ति बनवाएं। इसे अपने घर के देवालय में स्थापित करें और प्रतिदिन इसकी विधि-विधान से पूजा करें। घर के मुख्य दरवाजे पर गणेशजी की प्रतिमा लगाने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। कोई भी नकारात्मक शक्ति घर में प्रवेश नहीं कर पाती है।