कॉलेज में सीटें फुल! प्रवेश को भटक रहे विद्यार्थी!

 

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा इस बार महाविद्यालयों में प्रवेश को लेकर ऑनलाईन आवेदन प्रक्रिया के चलते जो नीति प्रारंभ की है उसको लेकर विद्यार्थियों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है।

एक विद्यार्थी प्रवेश के लिये 05 से 07 महाविद्यालय में ऑन लाईन के माध्यम से आवेदन कर रहे है जिसके चलते महाविद्यालय प्रशासन को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। एक ओर शासकीय महाविद्यालयों में अध्यापन के अतिरिक्त न्यूनतम स्टॉफ है और लगभग दो माह से प्रवेश को लेकर महाविद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या के चलते छोटी-छोटी सी बातों के लिए परेशान होना पड़ता है।

सिवनी जिले शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के अंतर्गत सिवनी के समस्त महाविद्यालय संचालित होते है और ऑन लाईन के माध्यम से प्रतिशत के आधार पर अधिकांश महाविद्यालय में कला, वाणिज्य, विज्ञान की सींटे फुल हो चुकी है। अगर विश्व विद्यालय द्वारा शासकीय, अशासकीय,महाविद्यालयों में सींटे बढ़ाई जाती है तो निश्चित ही विद्यार्थियों के होने वाले भविष्य के साथ खिलवाड़ को रोका जा सकता है। अन्यथा मजबूर होकर जिले के विद्यार्थियों को अन्य जिलों में अध्यापन के लिए पलायन करना पड़ेगा।

इस संबंध में पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सतीश चिले ने बताया कि उनके महाविद्यालय में सभी संकाय की सींटे फुल हो चुकी है। इसी तरह अन्य अशासकीय महाविद्यालयों में भी स्थिति यही बनी हुई है। अगर विश्व विद्यालय सांईस में 20-20 सींटे बढ़ाता है तो काफी हद तक विद्यार्थियों की समस्या समाधान हो सकता है।

इस मामले को लेकर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन को भी उच्च शिक्षा मंत्री जीत्तू पटवारी के माध्यम से सींटे बढ़ाये जाने को लेकर प्रयास करना चाहिए। इसी तरह अखिल भारतीय विद्याथी परिषद जो राष्ट्रहित में विद्यार्थियों के हित की बात करती है उसे भी प्रयास करना चाहिए तभी विद्यार्थी जिले से पलायन नही करेंगे। अन्यथा विद्यार्थियों के भविष्य को कोई नही बचा सकता।

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