गणेशजी की वैदिक पूजा विधि, सारे दोष हो जायेंगे दूर

 

 

(ब्यूरो कार्यालय)

जबलपुर (साई)। हिन्दू संस्कृति और पूजा में भगवान श्रीगणेश को सर्वश्रेष्ठ स्थान दिया गया है। प्रत्येक शुभ कार्य में सबसे पहले भगवान गणेश पूजा अनिवार्य बतायी गयी है। देवता भी अपने कार्यों को बिना किसी विघ्न से पूरा करने के लिये गणेशजी की अर्चना करते हैं। ऐसा इसलिये है क्योंकि देवगणों ने स्वयं उनकी अग्रपूजा का विधान बनाया है।

ज्योतिषाचार्य सचिनदेव महाराज के अनुसार सनातन एवं हिन्दू शास्त्रों में भगवान गणेश को, विघ्नहर्ता अर्थात सभी तरह की परेशानियों को खत्म करने वाला बताया गया है। पुराणों में गणेशजी की भक्ति शनि सहित सारे ग्रहदोष दूर करने वाली भी बतायी गयी हैं। बुधवार के शुभ दिन गणेशजी की उपासना से व्यक्ति का सुख – सौभाग्य बढ़ता है और सभी तरह की रुकावटें दूर होती हैं।

गणेश भगवान की पूजा विधि: प्रातः काल स्नान ध्यान आदि से शुद्ध होकर सर्व प्रथम ताम्र पत्र के श्रीगणेश यन्त्र को साफ मिट्टी, नमक, निम्बू से अच्छे से साफ करें। पूजा स्थल पर पूर्व या उत्तर दिशा की और मुख कर के आसान पर विराजमान हो कर सामने श्रीगणेश यन्त्र की स्थापना करें।

शुद्ध आसन पर बैठकर सभी पूजन सामग्री को एकत्रित कर पुष्प, धूप, दीप, कपूर, रोली, मौली लाल, चंदन, मोदक आदि गणेश भगवान को समर्पित कर, इनकी आरती की जाती है। अंत में भगवान गणेश का स्मरण कर ओम गं गणपतये नमः का 108 नाम मंत्र का जाप करना चाहिये।

बिगड़े काम बनाने के लिये बुधवार को गणेश मंत्र का स्मरण करें: त्रयीमयाया खिल बुद्धिदात्रे बुद्धि प्रदीपाय सुराधि पाय। नित्याय सत्याय च नित्य बुद्धि नित्यं निरीहाय नमोस्तु नित्यं।

अर्थात भगवान गणेश आप सभी बुद्धियों को देने वाले, बुद्धि को जगाने वाले और देवताओं के भी ईश्वर हैं। आप ही सत्य और नित्य बोधस्वरूप हैं। आपको मैं सदा नमन करता हूँ। कम से कम 21 बार इस मंत्र का जप जरुर होना चाहिये।

ग्रह दोष और शत्रुओं से बचाव के लिये: गणपूज्यो वक्रतुण्ड एकदंष्ट्री त्रियम्बकः! नीलग्रीवो लम्बोदरो विकटो विघ्रराजकः!! धूम्रवर्णों भालचन्द्रो दशमस्तु विनायकः! गणपर्तिहस्तिमुखो द्वादशारे यजेद्गणं!!

इसमें भगवान गणेश के बारह नामों का स्मरण किया गया है। इन नामों का जप अगर मंदिर में बैठकर किया जाये तो यह उत्तम बताया जाता है। जब पूरी पूजा विधि हो जाये तो कम से कम 11 बार इन नामों का जप करना शुभ होता है।

परिवार और व्यक्ति के दुःख दूर करते हैं यह सरल उपाय: बुधवार के दिन घर में सफेद रंग के गणपति की स्थापना करने से समस्त प्रकार की तंत्र शक्ति का नाश होता है। धन प्राप्ति के लिये बुधवार के दिन श्रीगणेश को घी और गुड़ का भोग लगायें। थोड़ी देर बाद घी व गुड़ गाय को खिला दें। ये उपाय करने से धन संबंधी समस्या का निदान हो जाता है।

परिवार में कलह कलेश हो तो बुधवार के दिन दूर्वा के गणेशजी की प्रतिकात्मक मूर्ति बनवायें। इसे अपने घर के देवालय में स्थापित करें और प्रतिदिन इसकी विधि विधान से पूजा करें। घर के मुख्य दरवाजे पर गणेशजी की प्रतिमा लगाने से घर में सुख – समृद्धि बनी रहती है। कोई भी नकारात्मक शक्ति घर में प्रवेश नहीं कर पाती है।

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