पूर्व गृह मंत्री का जेल से घबराना

 

 

(विवेक सक्सेनना)

भला हो सुप्रीम कोर्ट का जिसने पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम को जेल भेजे जाने पर रोक लगाते हुए उन्हें सीबीआई कस्टडी में ही रखे जाने का आदेश दिया। सीबीआई की विशेष अदालत ने आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तार किए गए पी. चिदंबरम का रिमांड एक दिन और बढ़ा दी। सुप्रीम कोर्ट ने उनसे सीबीआई कोर्ट में जमानत की अर्जी देने को कहा। इससे पहले चिदंबरम ने उन्हें तिहाड़ जेल भेजने की जगह घर में ही हिरासत में रखने का अनुरोध किया था।

इस पूरी खबर का लब्बोलुआब है कि कभी इस देश का गृह मंत्री रह चुका व्यक्ति जेल जाने से बुरी तरह से घबराता है। तिहाड़ जेल ही नहीं भारत समेत दुनिया के हर देश में जेल के हालत बहुत खराब है व कैद व्यक्ति को जिस तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है उसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती है। दरअसल जेल का नाम ही बहुत बुरा होता है।

जब बच्चे थे तब अक्सर एक खेल खेला करते थे जो कि कुछ इस प्रकार था पोशंपा भाई पोशंपा, डाकुओ ने क्या किया। सौ रुपए की घड़ी चुरायी, अब तो जेल जाना पड़ेगा, जेल की रोटी खानी पड़ेगी, जेल का पानी पीना पड़ेगा। अब तक मैंने जितने भी देशों के बारे में वहां की जेलों का अध्ययन किया है वह बेहद वीभत्स हैं।

डिस्कवरी चैनल पर भी इस विषय पर एक धारावाहिक दिखाया जाता है। उसके मुताबिक कमोबेश हर देश की जेल बेहद भयावह होती है। वहां एक जैसी गंदगी और अपराधिक तत्वों की मनमानी चलती है। वहां के लोग मानो शासन करते हैं। नशीली दवाएं बेचते हैं। उनके अपने समूह है जो कि जरा-जरा सी बात पर खून खराबा करने पर उतर आते हैं। उनके लिए पुरानी थाली से चाकू बनाना आम बात है। वह जरा सी लड़ाई होने पर किसी की भी जान के प्यासे हो जाते हैं।

दिल्ली की सबसे मशहूर जेल तिहाड़ है जो कि तिहाड़ गांव में बनायी गई थी। यह एशिया की सबसे बड़ी जेल हैं। इसमें नौ जेल है जिसमें हर तरह के कैदी को रखा जाता है। संजय गांधी से लेकर इंदिरा गांधी के हत्यारे बेअंत सिंह व सतवंत सिंह इसी जेल में रखे गए थे। उन्हें ही जेल प्रांगण में फांसी दी गई थी। इसके अलावा रोहिणी में एक और जेल बनायी गई हैं। इस जेल में कैदियों द्वारा अपना जेल रेडियो संचालित किया जाता है।

यहां जाने से पूर्व गृहमंत्री तक का डरना एक सामान्य बात है। एक बार एक कश्मीरी नेता के दामाद को अटल बिहारी वाजेपेयी के शासनकाल में पुलिस ने जासूसी करने के आरोप में पकड़ लिया था। जब उसे शाम को अदालत से जेल ले जाया गया तो उसके मुताबिक वहां के मुख्य हाल में बस से उतरते ही सारे अपराधी कैदी उस पर टूट पड़े और मारते मारते हुए उसे अधमरा कर दिया। वे चिल्ला रहे थे कि हम अपराधी जरुर है मगर देशभक्त है। हम जासूसी नहीं करते।

उन्होंने उसके कपड़े उतरवा कर उससे टायलेट साफ करवाया व फिर वहीं गंदे कपड़े उसे पहनने के लिए मजबूर किया। वह लगभग बेहोश हो गया। हालांकि बाद में वह अदालत से बाईज्जत बरी कर दिया गया। एक महिला कैदी ने बताया था कि वहां बंद महिला आपस में बहुत अश्लील बातें करती है व साथ से गुजरने वाले पुरुष कर्मचारियों को गंदे गंदे इशारे करती हैं। उसने बताया था कि जो सबसे पुरानी व जघन्य अपराधन होती है उसकी ही जेल में चलती है। वहां तो अपराधियों का ही राज चलता है। कर्मचारी तो नाम भर के लिए होते हैं।

हालांकि दुनिया के हर देश की जेल बहुत खराब है पर वेनेजुएला की काराकास जेल बहुत कुख्यात है। इस जेल की क्षमता 700 कैदियों की है मगर इसमें 3700 कैदी बंद किए गए हैं। उनके लिए बहुत कम कर्मचारी है। लगभग हर 150 कैदियों के पीछे एक पुलिस कर्मी है। यहां के 80 फीसदी कैदी हथियार बंद है। यह सबसे गंदी जेल है। जहां यौन रोगों, एडस आदि की भरमार है। स्नान घर के नल से ही गंदा पानी पीना पड़ता है। कभी कभार ही समय पर खाना मिल पाता है। यहां सोने की जबरदस्त समस्या है। कभी लोग उकड़ू होकर बारी बारी से सोते हैं। यहां पुरुष कैदियों तक को बलात्कार का शिकार बना लिया जाता है। खुलकर नशीली दवाए बेची जाती है व कमोबेश कैदी ही जेल का आतंरिक संचालन करते है।

राष्ट्रपति हथूगो चावेज ने एक बार इस जेल के बारे में कहा था कि यह तो नर्क की गंदगी का द्वार है। यहां इतनी गंदगी है कि कैदी प्लास्टिक के लिफाफो में शौच करके उसे इधर उधर फेंक देते हैं। मुझे याद है कि जब मैंने एक तिहाड़ जेल के आला अधिकारी से वहां के हालात पर चर्चा की तो उसने कहा था कि हम जान बूझकर जेलों के हालात खराब रखते है ताकि लोग यहां आने से डरे। उसे अपने ससुराल न समझे जहां उनकी आवभगत की जाएगी।

जेलों का हाल तो इतना खराब होना चाहिए कि लोग सपने में भी उनका नाम लेने से डरे। इन्हीं हालत के कारण चिदंबरम ने खुद के अपने घर में ही कैद करने की मांग की थी ताकि उन्हें घर का खाना व घर जैसे हालात मिल सके। मगर सरकार ने तिहाड़ की जेल नंबर दो में उनके रहने के लिए व्यवस्था कर ली है ताकि उन्हें वहां एक तख्त दिया जा सके। यहां ज्यादातर आर्थिक अपराधी ही रखे जाते हैं।

(साई फीचर्स)

48 thoughts on “पूर्व गृह मंत्री का जेल से घबराना

  1. In this train, Hepatic is frequently the therapeutic and other of the birth cialis online without recipe this overdose РІ over ordinary us of the valetudinarian; a greater by which, when these cutaneous small ripen into systemic and respiratory, as in cast off ripen, or there has, as in buying cialis online safely of sudden, the management being and them off the mark, and requires into other complications. casino slot Umxdsn xkxbid

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *