दुर्घटना के बाद जली या जलायी थी बस!

 

 

बस संचालक ने पुलिस को आवेदन देकर की जाँच की माँग

(अय्यूब कुरैशी)

सिवनी (साई)। 10 सितंबर को सिवनी मण्डला मार्ग पर यात्री बस को जलाये जाने की घटना के लगभग एक पखवाड़े बाद इस मामले की जाँच की माँग बस संचालक के द्वारा जिला पुलिस अधीक्षक से की गयी है। बस संचालक के द्वारा बस जलाये जाने वाले लोगों को चिन्हित कर कार्यवाही की माँग की गयी है।

पुलिस अधीक्षक कार्यालय के उच्च पदस्थ सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि बस संचालक श्रीमति लक्ष्मी चौरसिया के द्वारा जिला पुलिस अधीक्षक को दिये गये ज्ञापन में कहा गया है कि उनकी बस क्रमाँक एमपी 51 पी 0298 बीती 10 सितंबर की सुबह सिवनी से बिछिया जाने के लिये रवाना हुई थी।

सूत्रों ने बताया कि अपने आवेदन में उन्होंने कहा है कि लगभग साढ़े नौ बजे उनकी यात्री बस दुर्घटना ग्रस्त हो गयी थी। इस दुर्घटना में एक मोटर साईकिल आकर बस में फंस गयी थी। इसके बाद कुछ अज्ञात लोगों के द्वारा पथराव किया जाकर बस को आग के हवाले कर दिया गया था, जिससे बस पूरी तरह जलकर नष्ट हो गयी थी।

सूत्रों की मानें तो अपने आवेदन में बस ऑपरेटर ने आगे कहा है कि आग लगाने की घटना के दौरान कुछ लोगों के द्वारा संदिग्ध लोगों के वीडियो भी बना लिये गये थे। इन वीडियो क्लिप्स को बस ऑपरेटर ने पुलिस के सुलभ संदर्भ के लिये आवेदन के साथ पेन ड्राईव में दिये भी हैं।

सूत्रों ने कहा कि अपने आवेदन में बस ऑपरेटर ने कहा है कि इन वीडियो क्लिप्स के जरिये बस जलाये जाने के हादसे की परिस्थितियां काफी हद तक स्पष्ट हो सकती हैं, साथ ही संदिग्धों की पहचान भी हो सकती है। उन्होंने बताया कि इसकी लिखित सूचना उनके द्वारा 13 सितंबर को डूण्डा सिवनी पुलिस को दी जा चुकी है।

सूत्रों की मानें तो बस के द्वारा डूण्डा सिवनी थाना क्षेत्र में दुर्घटना की गयी थी और बस में आग कान्हीवाड़ा थानांतर्गत ईंदावाड़ी के पास चुरनाटोला में लगी थी। इस लिहाज़ से दुर्घटना की जाँच डूण्डा सिवनी थाना पुलिस को करना है और बस को आग के हवाले किये जाने की घटना की जाँच कान्हीवाड़ा पुलिस के द्वारा की जाना है।

सूत्रों ने बताया कि इस दौरान बस की चपेट में आने वाले विजयपानी खुर्द निवासी राम चरण ठाकरे (43) एवं छिंदबर्री निवासी श्री प्रसाद (20) का शव परीक्षण कराया जाकर पुलिस ने मामला पंजीबद्ध कर लिया था। सूत्रों ने इस बात के संकेत भी दिये कि बस को आग के हवाले किये जाते समय मौके पर कुछ पुलिस कर्मी भी मौजूद थे।

सूत्रों ने कहा कि बस को जलाया गया था या बस में चिंगारी के कारण आग लगी थी, यह अन्वेषण का विषय है और लगभग बीस दिन पहले कान्हीवाड़ा थाने में हुई इस घटना की जाँच कान्हीवाड़ा पुलिस को अब तक पूरी कर लेना चाहिये था। अगर जाँच पूरी नहीं भी हुई तो कम से कम इस बारे में पतासाजी अवश्य की जाना चाहिये थी कि बस में आग लगने की असली वजह क्या थी!