राज्य की योजनाओं के प्रसार में पिछड़ी काँग्रेस!

 

 

वर्चस्व की लड़ाई में काँग्रेस का खिसकता दिख रहा जनाधार!

(अय्यूब कुरैशी)

सिवनी (साई)। काँग्रेसनीत प्रदेश सरकार के द्वारा भले ही समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति को सरकारी योजना का लाभ पहुँचाने के लिये एड़ी चोटी एक की जा रही हो पर जिले में काँग्रेस संगठन के द्वारा जनहित की इन योजनाओं के प्रचार – प्रसार में ज्यदा दिलचस्पी नहीं लिये जाने के कारण ग्रामीण अंचल के लोग इन योजनाओं का लाभ लेने से वंचित ही दिख रहे हैं।

काँग्रेस के नेताओं के बीच चल रहीं चर्चाओं पर अगर यकीन किया जाये तो काँग्रेस के अंदर इस समय गुटबाजी अब तक के इतिहास में सबसे ज्यादा चरम पर है। धड़ों में बंटी जिला काँग्रेस के नेताओं के द्वारा अपनी ही प्रदेश सरकार की योजनाओं के प्रचार – प्रसार की कवायद नहीं की जा रही है।

इधर, काँग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने पहचान उजागर न करने की शर्त पर समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया से चर्चा के दौरान कहा कि जब तक शिवराज सिंह चौहान प्रदेश में मुख्यमंत्री थे उस दौर में नगर पालिका की जलावर्धन योजना और मॉडल रोड सहित अनेक मामलों में काँग्रेस के नेताओं के सुर मुखर हुआ करते थे।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में इन योजनाओं के मामले में नौ महीनों से काँग्रेस के नेताओं ने पूरी तरह मौन साध लिया है। इस लिहाज़ से या तो पहले इन नेताओं के द्वारा गलत बयानी की जाती थी या वर्तमान में इनके मौन का कोई और कारण समझा जाये!

उक्त नेता का कहना था कि सोशल मीडिया पर काँग्रेस के नेताओं के द्वारा जिस तरह के पोस्ट किये जा रहे हैं उसे देखकर यही प्रतीत हो रहा है कि इनके द्वारा काँग्रेस को मजबूत करने की बजाय खुद को स्थापित किये जाने का प्रयास ज्यादा किया जा रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि जिले में प्रशासनिक अधिकारियों के द्वारा महज़ एक गुट के नेताओं की बात को ही पूरी तवज्जो दी जा रही है बाकी गुटों के नेताओं की बात कोई सुनने तक को तैयार नहीं है। पिछले दिनों नगर पालिका में एक नेता के द्वारा जनहित के काम के लिये निलंबित हो चुके सीएमओ को कई बार फोन लगाया गया किन्तु उनके द्वारा फोन भी नहीं उठाया गया।

उक्त नेता का कहना था कि नगर पालिका के संबंध में अगर काँग्रेस संगठन के नेताओं से बात की जाये तो उनके द्वारा कहा जाता है कि अपनी ही सरकार के खिलाफ कैसे आंदोलन किया जा सकता है, जबकि नगर पालिका में काँग्रेस नहीं भाजपा का शासन है!

काँग्रेस के उक्त वरिष्ठ नेता का कहना है कि धड़ों में बंटी काँग्रेस में इन दिनों चल रही वर्चस्व की गलाकाट स्पर्धा के चलते जिले में काँग्रेस को मजबूत करने के प्रयास नाकाफी ही दिख रहे हैं, जिससे जनाधार भी गिरता दिख रहा है। उन्होंने कहा कि उनकी जानकारी में आया था कि जिले के एक विधायक की नाराजगी के चलते पेंच नेशनल पार्क के क्षेत्र संचालक का तबादला भी कर दिया गया था, यह अलहदा बात है कि बाद में उक्त आदेश निरस्त कर दिया गया। इसके बाद भी हाल ही में सहभागिता भवन में आयोजित वन्य प्राणी सप्ताह में किसी भी जनप्रतिनिधि को आमंत्रित करना मुनासिब नहीं समझा गया।