चीतल पकाकर खाया, हुआ मामला दर्ज

 

 

(अपराध ब्यूरो)

सिवनी (साई)। पेंच टाईगर रिज़र्व क्षेत्र में चीतल के शावक का शिकार करने के उपरांत उसे पकाकर खाने वाले आरोपी को पेंच वन विभाग के अमले ने अपना मेहमान बना लिया है।

पेंच नेशनल पार्क के क्षेत्र संचालक विक्रम सिंह परिहार ने बताया कि 11 अक्टूबर को वन विभाग के अधिकारियों को मुखबिर के जरिये सूचना मिली थी कि पेंच टाईगर रिज़र्व के घाट कोहका बफर परिक्षेत्र, बरेलीपार बीट के कक्ष क्रमाँक आर. 384 के राजस्व क्षेत्र में बरेलीपार निवासी अनिल पिता चन्दर सिंह पन्द्रे के खेत की सीमा में तार का फंदा लगाकर वन्य प्राणी चीतल का शिकार किया है।

यह जानकारी मिलने के उपरांत वन परिक्षेत्र घाटकोहका, बफर के स्टाफ के साथ अभियुक्त के खेत पर पहुँचे एवं आरोपी से पूछताछ की गयी। उसके द्वारा बताया गया कि उसने अपने खेत में तार का फंदा लगाया था, जिसमें चीतल का एक बच्चा फंस कर मर गया जिसे उसके द्वारा काटकर पकाया गया और फिर उसे खा लिया गया।

आरोपी की निशानदेही पर घटना स्थल से चीतल के मांस के छोटे – छोटे टुकड़े, वन्य प्राणी शिकार अपराध में उपयोग किये गये जी.आई. तार का फंदा, एक नग कुल्हाड़ी, लकड़ी का पट्टा जिस पर चीतल को रखकर काटा गया था, को जप्त किया गया है।

पकड़े गये आरोपी के विरूद्ध वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 2, 9, 39, 52 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर आरोपी अनिल वल्द चन्दरसिंह पन्द्रे साकिन बरेलीपार को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया जहाँ से उसको जेल भेज दिया गया।

उक्त कार्यवाही विक्रम सिंह परिहार, क्षेत्र संचालक, पेंच टाईगर रिज़र्व के निर्देशन, उप संचालक एम.बी. सिरसैया सहायक वन संरक्षक (सिवनी क्षेत्र) बी.पी. तिवारी के मार्गदर्शन में एवं संतोष कुमार पटेल, परिक्षेत्र अधिकारी घाट कोहका (बफर), रमेश कुमार उईके, वनपाल, जगदीश भलावी, पंकज चौधरी, वनरक्षक, अरूण कुल्हाड़े, दुर्गेश नवरेती, हीरा उईके, तथा भुवन मर्सकोले श्रमिकों के द्वारा की गयी।