हाथ धुलाई से संक्रमक रोगों के खतरे से मिलती है निजात : सैय्याम

 

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। एक छोटी सी आदत हजारों बच्चों की मौतों के सिलसिले को रोक सकती है। इससे बच्चों में होने वाली कई बीमारियों से ही बचाव नहीं होता बल्कि इससे बच्चों को हम अंजाने ही साफ – सफाई का सन्देश और सीख भी देते चलते हैं। उक्त उद्गार मठ हायर सेकेण्डरी कन्या शाला के प्राचार्य एम.के. सैय्याम ने विश्व हाथ धुलाई दिवस के अवसर पर व्यक्त किये।

श्री सैय्याम ने आगे कहा कि एक छोटी सी आदत कि भोजन से पहले और शौच के बाद साबुन से अच्छी तरह से हाथ धुलाई करें, इसके लिये अब हमें जोर देने की जरूरत है। आंकड़े बताते हैं कि अकेले मध्य प्रदेश में ही हर महीने पाँच साल से कम उम्र के लगभग एक हजार से ज्यादा बच्चों की मौतें सिर्फ दस्त, निमोनिया और श्वसन संबंधी संक्रमणों की वजह से हो जाती है।

उन्होंने आगे कहा कि यही आंकडा विश्व स्तर पर हर वर्ष 35 लाख बच्चों की असमय मौत के भयावह आंकड़ों में तब्दील हो जाता है। यह आंकड़े हमें चौंकाते भी हैं और हमारे तमाम प्रयासों को मुँह भी चिढ़ाते नज़र आते हैं। मौत के आंकड़ों की इस भयावहता को कम किया जा सकता है इसी छोटी सी युक्ति से। भोजन से पहले और शौच के बाद अच्छी तरह साबुन से हाथ धोने से बीमारियों के संक्रमण का खतरा बहुत हद तक कम किया जा सकता है। इस अवसर पर शाला की समस्त शिक्षिका एवं स्टॉफ सहित छात्राओं का विशेष योगदान रहा।