जिला स्तरीय युवा उत्सव में शामिल हुए 09 महाविद्यालय

 

रंगोली, लोकगीत, पाश्चात्य गायन की रही धूम

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। अध्ययन के साथ ही साथ विद्यार्थियों की बहुमुखी प्रतिभा को निखारने के लिए राज्य शासन के आदेश पर उच्च शिक्षा विभाग द्वारा प्रारंभ किये गये युवा उत्सव का मुख्य उद्देश्य यह है कि विद्यार्थी पढ़ाई के साथ ही साथ अन्य विधाओं में भी इस मंच के माध्यम से आगे आयें।

22 विधाओं में आयोजित प्रतियोगिता में जिले के 09 महाविद्यालय शामिल हुए है। निश्चित ही यहां से निकली हुई प्रतिभाऐं देश – प्रदेश में जिले का नाम रोशन करेंगी। उक्त उद्गार जिला स्तरीय युवा उत्सव के अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ.एस.के. चिले प्राचार्य पी.जी. कॉलेज सिवनी ने व्यक्त किये।

कार्यक्रम की संयोजक डॉ.सविता मसीह ने कहा कि प्रतियोगिता के आयोजन के लिए महाविद्यालय की प्रभारियों को नियुक्त किया गया था। जिन्होंने इस आयोजन में अपना भरपूर सहयोग दिया है और सारी विधाएं शांति पूर्वक संपन्न हुई। इस आयोजन में साहित्यिक एवं सांस्कृतिक विधाओं को शामिल किया गया जिसमें पी.जी. कॉलेज सिवनी, पी.जी. कॉलेज बरघाट, पी.जी. कॉलेज लखनादौन, छपारा, कुरई, केवलारी, जाम, घंसौर, डीपीसी सिवनी, कन्या महाविद्यालय सिवनी आदि शामिल हैं।

आयोजन के दौरान साहित्यिक विधा के अंतर्गत निंबध, भाषण, प्रश्रमंच, वाद – विवाद प्रतियोगिता के प्रभारी प्रोफे.सुरेश बाटड़ एवं डॉ.सतेन्द्र शेण्डे को बनाया गया था। सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत एकल एवं सामूहिक शास्त्री गायन पाश्चात्य गायन, मिमिक्री, मूक अभिनय, नाटिका, नृत्य, लोकगीत, सामूहिक नृत्य आदि के कार्यक्रम के लिए अरविंद चौरसिया, डॉ.सीमा भास्कर, सी.एस. तिवारी, एन.पी. राहंगडाले, मंजू सराफ, डॉ.रविन्द्र दिवाकर, आशुतोष गौर, डॉ.डी.पी. ग्वालवंशी, डी.पी. प्रजापति, के.के. बरमैया, भूनेश्वरी विश्वकर्मा, विकास हेडाऊ, अभय नायक, दुर्गा प्रसाद नामदेव, सीमा मर्सकोले, संध्या श्रीवास्तव आदि शामिल थे।