पुलिस की गिरफ्त में आया मुख्य आरोपी

 

 

पुलिस अधीक्षक के रूख से मामले में आयी तेजी, आज बरामद हो सकती है गायब हुई नाबालिग!

(अपराध ब्यूरो)

सिवनी (ंसाई)। केवलारी तहसील के खैररांजी में बीते माह गायब हुई नाबालिग के पिता की मौत के बाद पुलिस के हत्थे एक युवक चढ़ा है। यह युवक ही मुख्य आरोपी बताया जा रहा है। खैररांजी में उपजा आक्रोश अब शांत होता दिख रहा है। क्षेत्र में पुलिस बल तैनात है।

केवलारी पुलिस सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि ग्रामीणों के द्वारा जिस युवक पर नाबालिग को गायब करने के आरोप लगाये जा रहे थे उस युवक को पुलिस ने अपनी गिरफ्त में ले लिया है। वहीं, यह बात भी सामने आ रही है कि आरोपी प्रदीप ने खुद ही आत्म समर्पण किया है।

पुलिस सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि ब्रहस्पतिवार को प्रदीप के पुलिस गिरफ्त में आने के बाद अब अनेक राज पर से पर्दा उठ सकता है। सूत्रों ने कहा कि जिला पुलिस अधीक्षक कुमार प्रतीक के सख्त रूख के बाद अब यह उम्मीद की जा रही है कि शुक्रवार को गायब हुई नाबालिग को बरामद किया जा सकता है।

ज्ञातव्य है कि गत दिवस गायब हुई नाबालिग के पिता का शव एक कुंए में मिलने के बाद क्षेत्र में तनाव फैल गया था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस के द्वारा ऐहतियातन कदम उठाये गये थे। इस दौरान आरोपी प्रदीप के पिता, माता और बहन को पुलिस ने अपना मेहमान बना लिया था।

इधर, सूत्रों का कहना था कि केवलारी पुलिस के द्वारा इस मामले में शिकायत दर्ज करने में हीला हवाला करने और जाँच करने में कोताही बरतने के चलते पुलिस अधीक्षक कुमार प्रतीक ने भी सख्त रूख अपना लिया था। इसके बाद ही केवलारी पुलिस हरकत में आयी प्रतीत हो रही है।

सूत्रों ने बताया कि एक ऑडियो रिकॉर्डिंग भी पुलिस को मिली है जिसमें आरोपी अपने परिजनों से बात कर युवती के बारे में एवं युवती के गर्भपात के बारे में चर्चा कर रहा है। इस रिकॉर्डिंग में युवती उस समय कहाँ थी इस बारे में भी बात कही जा रही है।

वहीं, क्षेत्रीय नागरिकों का कहना है कि जब पुलिस के पास नामजद शिकायत थी तो केवलारी पुलिस के द्वारा पहले आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास क्यों नहीं किये गये। लोगों का यह भी आरोप था कि केवलारी थाने में दलाल नुमा लोगों की आमद रफत से फरियादियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

वहीं, ब्रहस्पतिवार को गाँव में पहुँचे अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को चार लाख रूपये दिये जाने की घोषणा की है। इसके साथ ही एक सप्ताह में गुमशुदा नाबालिग को खोजने का आश्वासन भी दिया गया है। मामले को लेकर कुछ सामाजिक संगठनों ने आंदोलन की चेतावनी दी थी, जिसके बाद लोगों के आक्रोश को कम करने की कवायद के रुप में इस कदम को देखा जा रहा है।