107 साल बाद पड़ रहा है बेहद शुभ संयोग

 

 

इस बार की दीपावली हो सकती है बेहद खास

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। दीपावली का त्यौहार आने वाला है। कार्तिक माह की अमावस्या की रात को दीपावली का त्यौहार मनाया जाता है। दीपावली की शाम को शुभ मुहूर्त में माता लक्ष्मी की विधिवत पूजा – अर्चना होती है। देवी लक्ष्मी धन की देवी हैं। कहा जाता है कि दीपावली की रात को धन की देवी लक्ष्मी जिसके भी घर में ठहरतीं हैं उनके घर पर धन – संपदा की कभी भी कोई कमी नहीं रहती।

इस साल दीपावली 27 अक्टूबर को है। हालांकि अमावस्या 28 अक्टूबर को भी है। हिंदू पुराणों के मुताबिक, दीपावली कार्तिक मास की अमावस्या तिथि को मनायी जाती है, लेकिन यह भी नियम है कि संध्या के समय यानी प्रदोष काल में और मध्य रात्रि में ही अमावस्या की तिथि आरंभ हो जाती है। इसी दिन फिर दीपावली सेलिब्रेट की जाती है।

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार हर वर्ष दीपावली अमावस्या के दिन पड़ती है परंतु इस वर्ष दीपावली पर दर्श अमावस्या का संयोग बन रहा है। हिन्दू पंचांग के अनुसार दर्श अमावस्या का काफी ज्यादा महत्त्व होता है। ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि आध्यात्मिक दृष्टि से दर्श अमावस्या के दिन चंद्रमा की पूजा लाभकारी मानी जाती है। दीपावली के दिन कभी भी चाँद पूरा नहीं दिखायी देता है। इस दिन के व्रत का भी अपना अलग ही महत्व होता है। ज्योतिषाचार्य बताते है कि पितृ दोषों के निवारण के लिये भी यह अमावस्या शुभ मानी जाती है।

अवश्य करें ये एक काम : दीपावाली के दिन दर्श अमावस्या पड़ने से विशेष संयोग बन रहा है। इस बारे में ज्योतिषाचार्य का कहना है कि कि इस दिन प्रतीकात्मक रूप से चंद्रमा की पूजा करने से व्यक्ति के जीवन से सारे कष्ट दूर होते हैं और लोगों को बीमारियों से भी छुटकारा मिलता है। अगर इस दिन आप गणेश – लक्ष्मी पूजन के बाद चंद्रमा के दर्शन कर लेते हैं तो आपके भाग्य में वृद्धि होती है और जीवन में सुख – समृद्धि मिलती है।