घर पर त्यौहारों में कितना मिलावटी सामान खाते हैं आप!

 

 

त्यौहार के बाद भी खाद्य एवं औषधि प्रशासन का मौन संदिग्ध!

(वाणिज्य ब्यूरो)

सिवनी (साई)। अगर आप दीपावली की मिठास को बनाये रखना चाहते हैं, तो थोड़ा सम्हल जायें, क्योंकि मिलावटखोर इस मिठास में कड़वाहट घोल सकते हैं। त्यौहारी सीजन आते ही मिलावटखोर सक्रिय हो जाते हैं।

इस मामले में खाद्य एवं सुरक्षा विभाग के अधिकारियों के द्वारा अब तक किसी तरह की एडवाईजरी जारी न किया जाना भी आश्चर्यजनक ही माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि थोड़ी सी सतर्कता बरती जाये तो खाद्य पदार्थों में मिलावट का आसानी से पता चल सकता है और इनकी जाँच घर बैठे ही की जा सकती है।

पनीर : स्टॉर्च की मिलावट होती है। इससे पनीर की रंगत निखर जाती है।

ऐसे करें पहचान : पनीर को पानी में उबालकर ठण्डा कर लें। इसके बाद इसमें थोड़ा, सा आयोडीन सॉल्यूशन डालें, नीला रंग स्टार्च की मिलावट साबित कर देगा।

मावा : वजन बढ़ाने के लिये मावे में शकरकंद, सिंघाड़े का आटा, आलू और मैदा मिलाया जाता है।

ऐसे करें पहचान : मावे पर टिंचर आयोडीन की कुछ बूंदे डालें। अगर मावे का रंग नीला या काला हो जाये तो मावा मिलावटी है। शुद्ध होने पर मावे का रंग लाल रहेगा।

दूध : इसमें अक्सर डिटर्जेंट, पानी और यूरिया मिलाया जाता है। सिंथेटिक दूध खतरनाक होता है।

ऐसे करें पहचान : आधे कप दूध में पानी डालें। झाग निकले तो मिलावट हो सकती है। दूध की एक बूंद को अंगुलियों में रगड़ें। साबुन जैसी चिकनाहट हो तो दूध सिंथेटिक हो सकता है।

घी : इसमें आलू, आरारोट और रिफाइंड ऑइल आदि मिलाया जाता है।

ऐसे करें पहचान : एक चम्मच घी में कुछ बूंदें हाइड्रो क्लोरिक एसिड और चीनी मिलालिएं। 05 मिनिट बाद रंग लाल या गुलाबी हो तो मिलावट है। टिंचर आयोडीन के टेस्ट में स्टॉर्च की मिलावट से नीला रंग आता है।

मिर्च पावडर : ईंट का बारीक चूरा मिलाया जाता है। नमक या फिर टैल्कम पॉवडर भी मिलाया जाता है।

ऐसे करें पहचान : मिर्च पॉवडर को पानी भरे गिलास में डालें। ईंट का चूरा नीचे बैठ जायेगा। वहीं पानी का रंग लाल हो जाये तो समझ लें कि मिर्च में मिलावट है।

हींग : हींग में चाक, आटा, साबुन या गोंद मिलायी जाती है।

ऐसे करें पहचान : हींग के एक टुकड़े पर आग लगायें। अगर कपूर की भांति जले तो समझ लें कि हींग सौ फीसदी शुद्ध है।

हल्दी : यह होती है मिलावट, लकड़ी का बुरादा मिलाया जाता है। कई बार लेड क्रोमेट धातु भी मिला देते हैं।

ऐसे करें पहचान : सांद्र हाइड्रो क्लोरिक एसिड डालें। गुलाबी रंग आये, तो उसमें पानी डालें। उसके बाद भी रंग न बदले, तो मिलावट है।

काली मिर्च : यह होती है मिलावट, काली मिर्च में पपीते के बीज मिलाये जाते हैं।

ऐसे करें पहचान : काली मिर्च को एल्कोहल (रेक्टिफाइड स्पिरिट) में डालें। काली मिर्च नीचे बैठ जायेगी, पपीते के बीज व लाइट ब्लेक पेपर ऊपर तैरने लगेंगे।

वहीं जानकारों और चिकित्सकों का कहना है कि खाद्य सामग्री में मिले रसायन कैंसर, दिमाग की बीमारी, तंत्रिका तंत्र की खराबी, नपुंसकता, त्वचा रोग, एलर्जी, नवजात बच्चों की मृत्यु और महामारी जैसी घातक बीमारियों के लिये जिम्मेदार होते हैं। अब इतने बड़े स्तर पर मिलावट होने की संभावना कम है।