अस्पताल में बवाल, बनी जाँच समिति

 

 

(अपराध ब्यूरो)

सिवनी (ंसाई)। इंदिरा गांधी जिला चिकित्सालय में बुधवार और ब्रहस्पतिवार की दमियानी रात में हुए विवाद के एक दिन बाद स्वास्थ्य प्रशासन हरकत में आया है। एक ओर अस्पताल प्रशासन के द्वारा इस मामले में शो कॉज़ नोटिस जारी किया गया है, तो दूसरी ओर जिला प्रशासन के द्वारा इस मामले की जाँच के लिये तीन सदस्यीय दल का गठन किया गया है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय के उच्च पदस्थ सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि 16 और 17 अक्टूबर की दरमियानी रात लगभग एक बजे नाईट ड्यूटी पर उपस्थित चिकित्सक की मौजूदगी में डॉक्टर ड्यूटी रूम से निकलकर किसी अन्जान व्यक्ति के द्वारा इमरजेंसी प्रभाग में तैनात सुरक्षा कर्मी के साथ जमकर मारपीट की गयी थी।

ब्रहस्पतिवार को इस मामले का एक वीडियो वायरल होने के बाद भी अस्पताल प्रशासन और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के द्वारा किसी तरह का संज्ञान नहीं लिया गया था। इसके उपरांत शुक्रवार को जब दूसरा वीडियो वायरल हुआ तब हड़कंप मच गया।

बताया जाता है कि सोशल मीडिया पर अस्पताल की छवि खराब होती देख प्रशासन के द्वारा इस मामले में सख्त रवैया अपनाया गया है। यहाँ यह उल्लेखनीय होगा कि अस्पताल की दिशा और दशा को दुरूस्त करने के लिये जिलाधिकारी प्रवीण सिंह के द्वारा अस्पताल में कायाकल्प अभियान चलाया जा रहा है।

पुलिस सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि इस मामले में मनोज श्रीवास की रिपोर्ट पर डॉक्टर प्रवीण ठाकुर सहित एक अन्य व्यक्ति पर धारा 294, 323, 560 व 34 के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना की जा रही है।

इधर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय के सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि इस मामले में जिलाध्किारी प्रवीण सिंह के द्वारा भारतीय प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी एवं सहायक कलेक्टर श्री श्यामवीर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के.आर. शाक्य एवं जिला महिला सशक्तिकरण अधिकारी अभिजीत पचौरी का एक जाँच दल गठित किया गया है।

सूत्रों का कहना था कि जाँच दल ने अपनी आरंभिक जाँच में रात में उपस्थित चिकित्सक डॉ.प्रवीण ठाकुर को इस मारपीट के लिए दोषी पाया है। जाँच दल के प्रतिवेदन के उपरांत डॉ.प्रवीण ठाकुर की संविदा नियुक्ति की समाप्ति की कार्यवाही की जा सकती है।