त्यौहारी सीजन में बस की टिकिटों की दरें आसमान पर!

 

 

ऑनलाईन बुकिंग में तीन से चार गुना राशि वसूल रहे बस ऑपरेटर

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। त्यौहारों के समय निजि बस संचालकों के द्वारा ऑन लाईन बुकिंग के नाम पर मनमानी दरें वसूली जा रही हैं। दीपावली के पर्व के पहले ऑन लाईन बुकिंग कराने पर तीन गुना किराया प्रदर्शित हो रहा है।

सिवनी जिले से होकर गुजरने वाली यात्री बस में से कितनी यात्री बसों के पास जगह – जगह से यात्री भरने और उतारने के परमिट हैं इस बात की जानकारी शायद परिवहन विभाग को भी न हो। इंटरनेट से ऑन लाईन बुकिंग करवाने पर आपको पता चलेगा कि महज सौ रूपये वाली टिकिट कई गुना अधिक रेट पर मिल रही है।

यात्रियों ने बताया कि उनके द्वारा ऑनलाईन सर्च कर नागपुर से सिवनी या नागपुर से हैदराबाद, पूना आदि की टिकिट करवाये जाने पर उस समय आश्चर्य होता है जब तीज त्यौहारों या अवकाश के आसपास यात्री बस के किराये आसमान छूने लगते हैं। उदाहरण के लिये अगर नागपुर से सिवनी यात्री बस देखी जाये तो दीपावली जैसे प्रमुख त्यौहारों के पहले ये 400, 524, 900, 500 रूपये की मिलती हैं, जबकि सामान्य दिनों में इनकी कीमत महज 130 रूपये ही हुआ करती हैं।

बस संचालक ऑन लाईन के नाम पर तीन गुना से अधिक किराया वसूल रहे हैं। संचालक बसों में यात्रियों को जानवरों की तरह ठूंस-ठूंस कर यात्रा कर रहे हैं। सड़क पर परिवहन विभाग के नियमों की धज्जियां उड़ायी जा रही हैं। प्रशासन से संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों ने चुप्पी साध रखी है।

इसके परिणाम स्वरूप यात्री असुविधाओं के बीच अधिक पैसे देकर ठगे जा रहे हैं। सिवनी से जबलपुर तक चलने वाली बसों पर नज़र दौड़ायें तो स्थिति साफ हो जाती है। सिवनी से जबलपुर का ऑफ लाईन टिकिट का किराया 150 रुपये है। यदि यात्री ऑन लाईन टिकट बुक कराते हैं तो उनको 171 से 485 रुपये तक का भुगतान करना पड़ता है।

बस में यात्रा करने के लिये ऑन लाईन टिकिट बनाने वाला यात्री लाचार होकर अधिक पैसे देकर ठगी का शिकार हो रहे हैं लेकिन परिवहन विभाग इस पर अंकुश लगाने में नाकाम साबित हो रहा है। खास है कि त्यौहार के समय ऑन लाईन टिकिट का किराया और अधिक बढ़ा दिया जाता है। इसकी शिकायत के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं होने से बस संचालकों की मनमानी बढ़ती जा रही है।

एक यात्री ने बताया कि रेल और हवाई जहाज में फ्लेक्सी फेयर के बारे में सुना था, अब तो अवैध रूप से संचालित होने वाली यात्री बस में भी इस तरह से किराये की बढ़ौत्तरी हो रही है। अवकाश के आसपास सिवनी से होकर गुजरने वाली यात्री बस में निर्धारित से कई गुना अधिक सवारियां भरी जाती हैं और क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी कार्यालय एवं यातायात पुलिस हाथ पर हाथ रखे ही बैठी दिखती है।

परिवहन विभाग के सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि दरअसल, इस तरह का किराया उन बसों में लग रहा है जिनके पास जगह – जगह सवारी उतारने और भरने का परमिट ही नहीं है। सूत्रों ने बताया कि सिवनी से होकर गुजरने वाली यात्री बसों में कितनों के पास स्टेट कैरिज (निर्धारित जगह से सवारी भरने और उतारने की इजाजत देने वाला) का परमिट है और कितनी यात्री बस टूरिस्ट और नेशनल परमिट पर संचालित होकर जगह – जगह सवारियां भर और उतार रहीं हों? शायद ही कोई जानता हो।

सूत्रों का कहना है कि महाराष्ट्र के नागपुर शहर में जिन यात्री बस को मध्य प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के बस स्टैण्ड में प्रवेश नहीं होने दिया जाता है वे यात्री बस सिवनी में सीना ठोककर सरकारी बस स्टैण्ड में खड़ी होकर सवारियां भरतीं और उतारती हैं। यहाँ यह उल्लेखनीय होगा कि यातायात पुलिस की चौकी भी बस स्टैण्ड में है।

इसके साथ ही सूत्रों की मानें तो सिवनी के यात्री बस स्टैण्ड पर यात्री बस की टाईमिंग को लेकर चौबीसों घण्टे चालक परिचालक या एजेंट्स के द्वारा यात्रियों विशेषकर महिला यात्रियों के सामने ही एक दूसरे के साथ भद्दी-भद्दी गालियों का प्रयोग किया जाता है जिससे महिलाएं शर्मसार होती रहती हैं।

बहरहाल, ऑन लाईन बुकिंग करने पर नागपुर से सिवनी के किराये में आने वाले कई गुना राशि का अंतर अपने आप में एक प्रमाण है जिससे यह साबित हो रहा है कि टूरिस्ट या नेशनल परमिट पर संचालित होने वाली यात्री बस के द्वारा स्टेट कैरिज के रूप में सवारियां भरी और उतारी जा रहीं हैं।

इसके संबंध में यात्रियों के द्वारा जिला प्रशासन से अपेक्षा व्यक्त की गयी है कि इस बात को ही प्रमाण मानते हुए अवैध रूप से संचालित होने वाली यात्री बसों के खिलाफ कठोर कार्यवाही कर जनता को इस तरह लुटने से बचाया जाये।