पीजी कॉलेज में शासकीय राशि का दुरूपयोग

 

कलेक्टर ने भेजा उच्च शिक्षा विभाग को कार्यवाही का प्रस्ताव

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय सिवनी के प्राचार्य व स्टाफ द्वारा शासकीय राशि के दुरूपयोग एवं वित्तीय अनियमितता किये जाने की शिकायत के बाद जिलाधिकारी के द्वारा इस मामले में कार्यवाही के लिये उच्च शिक्षा विभाग से अनुशंसा की गयी है।

कलेक्टर कार्यालय के उच्च पदस्थ सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि जिला कलेक्टर प्रवीण सिंह ने जाँच सही पाये जाने के उपरांत 23 सितंबर को उच्च शिक्षा विभाग के आयुक्त को पत्र लिखकर पी.जी. कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य सतीश चिले सहित अन्य संबंधितों द्वारा शासकीय राशि का दुरूपयोग कर अधिक भुगतान प्राप्त करने की गंभीरता अनियमितता के कृत्य के लिये सर्व संबंधितों के विरूद्ध यथाशीघ्र कड़ी अनुशासनात्मक कार्यवाही किये जाने का प्रस्ताव भेजा है।

विधायक ने की थी शिकायत : सूत्रों ने बताया कि विधायक दिनेश राय व शंकर माखीजा ने इस संबंध में शिकायत कर बताया था कि पी.जी. कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य सतीश चिले, प्राध्यापक प्रो.अनिल दीक्षित, एस.पी. सिंह एवं प्रो.ग्वालवंशी द्वारा परीक्षामद की राशि का नियम विरूद्ध दुरूपयोग करते हुए एक दिन व समय में वीक्षकीय कार्य करते हुए एक पाली में दो बार भुगतान प्राप्त करने, उसी समय जिला स्तरीय उड़न दस्ते के संयोजक के रूप में जिले के विभिन्न महाविद्यालयों का निरीक्षण करने, वाहन व्यय के नाम से अलग – अलग बिल बाउचर बनाकर दो बार अनियमित भुगतान प्राप्त कर गंभीर वित्तीय अनियमितता की जाने की जाँच की माँग की गयी थी।

कलेक्टर ने करवायी जाँच : सूत्रों की मानें तो शिकायत पर कलेक्टर प्रवीण सिंह ने जिला कोषालय अधिकारी, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी का जाँच दल गठित किया। जाँच दल के प्रतिवेदन का अवलोकन करने पर प्रभारी प्राचार्य सतीश कुमार चिले व डॉ.अनिल दीक्षित को परीक्षा वीक्षण कार्य, उड़न दस्ता दल के मानदेय का एक ही तिथि को एक ही पाली में दोबारा भुगतान दो कॉलेज से प्राप्त किया गया है। प्रतिवेदन के अनुसार एक ही समय में परीक्षा की एक ही पाली में अलग – अलग ड्यूटी कार्य दर्शाते हुए मानदेय, पारिश्रमिक राशि का अधिक भुगतान प्राप्त करना प्रथम दृष्टया वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में आता है।

प्रोफेसर के नाम काटे धनादेश : सूत्रों ने यह भी बताया कि जिला स्तरीय उड़न दस्ते में उपयोग किये गये किराये के वाहन का किराया भुगतान संबंधित वाहन मालिक को नहीं किया जाकर 11 चैक में से नौ चैक एक लाख 15 हजार 785 रूपये अनिल दीक्षित को एवं दो चैक इण्डियन मठ टूर एण्ड ट्रैवल्स को 23 हजार 400 रूपये भुगतान होना पाया गया, जबकि वाहन का किराये का भुगतान नियमानुसार वाहन मालिक, ट्रैवल्स को किया जाना था किन्तु प्रो.अनिल दीक्षित को भुगतान किया गया जो प्रथम दृष्टया वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में पाया गया है।

और भी अनियमितताएं : सूत्रों ने कहा कि जब वाहन से यात्रा की गयी तो कन्वेन्स एलाउन्स की पात्रता नहीं थी किन्तु प्रभारी प्राचार्य सतीश कुमार चिले व अनिल कुमार दीक्षित द्वारा कन्वेन्स एलाउन्स का भुगतान प्राप्त किया गया है। इसी तरह और भी अनियमितताएं पायी गयी हैं।