चालू हैं अवैध तौल कांटे, मण्डी प्रशासन है मौन

 

 

किसने दी है जगह-जगह खरीदी की अघोषित छूट!

(अखिलेश दुबे)

सिवनी (साई)। कृषि उपज मण्डी प्रांगण के अलावा अन्य स्थानों पर अवैध रूप से अनाज खरीद फारोख्त की अघोषित छूट किसने दी है? यह प्रश्न लोगों के दिमाग में कौंध रहा है। अगर छूट नहीं दी है तो किसानों का अनाज मण्डी प्रांगण के अलावा अन्य स्थानों पर कैसे बिक रहा है?

कृषि उपज मण्डी समिति के उच्च पदस्थ सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि पिछले दिनों मण्डी सचिव के द्वारा मण्डी प्रांगण से बाहर अघोषित तौर पर बिकने वाले अनाज पर तीन रूपये प्रति बोरी का नज़राना लेने के आदेश अपने मातहतों को दिये जाने से व्यापारियों में खासा रोष व्याप्त था।

सूत्रों की मानें तो इस मामले को व्यापारियों और मण्डी सचिव के द्वारा आपस में बैठकर सेटिल कर लिया गया था, इसके बाद से ही मण्डी प्रशासन की अघोषित छूट के कारण पूर्व की तरह बुधवारी बाज़ार और गंगा नगर में अवैध कांटे लगना आरंभ हो गया था। यहाँ खरीद फरोख्त के बाद तीन रूपये प्रति बोरी का अघोषित आदेश वापस ले लिया गया था।

सूत्रों ने बताया कि व्यापारियों और मण्डी सचिव के बीच पिछले साल हुई बैठक में तय हुआ था कि बुधवारी बाज़ार और गंगा नगर में अवैध रूप से बिकने वाला अनाज कितना बेचा गया? किसने कितना खरीदा, इस बारे में मण्डी प्रशासन किसी तरह की पूछ परख नहीं करेगा! यह व्यवस्था आज भी बदस्तूर जारी है।

सूत्रों ने बताया कि बुधवारी बाज़ार और गंगा नगर सहित अन्य स्थानों पर अवैध रूप से खरीदे जाने वाले अनाज में जिस व्यापारी का जितना मन होगा उस हिसाब से माल की खरीदी बिक्री मण्डी प्रांगण में दर्शाकर मण्डी टैक्स जमा कर, रसीद प्राप्त कर ली जा रही है, इससे मण्डी की आय में इजाफा भी हो रहा है और दूसरी ओर गल्ला व्यापारियों और मण्डी प्रशासन के बीच आपसी सामंजस्य भी बना हुआ है।

सूत्रों ने कहा कि इस तरह से अवैध रूप से अघोषित छूट दिये जाने के बाद मण्डी प्रशासन को कितना नुकसान हो रहा है, इसका आंकलन न तो मण्डी प्रशासन कर रहा है और न ही मण्डी के चुने हुए प्रतिनिधियों को ही इस बात की फुर्सत है कि वे किसानों का हित साधने आगे आयें।

सूत्रों ने इस बात पर आश्चर्य व्यक्त किया कि कृषि उपज मण्डी समिति में विपक्ष में बैठी भाजपा के चुने हुए प्रतिनिधि भी इस मामले में पूरी तरह मौन साधकर किसानों का सरेआम शोषण होते देख रहे हैं। सूत्रों ने यह भी संकेत दिये हैं कि षड्यंत्र के तहत मण्डी की आय को कम किया जाकर यहाँ मण्डी को समाप्त ही कराने का प्रयास चल रहा है ताकि जिले में अनाज का अवैध करोबार फल फूल सके।

सूत्रों ने यह भी कहा कि पिछले दिनों बुधवारी बाज़ार से नागपुर नाका क्षेत्र में स्थानांतरित की गयी थोक सब्जी मण्डी में भी अवैध रूप से वसूली जारी है। इस थोक सब्जी मण्डी से कृषि उपज मण्डी को कितनी आय हो रही है, इस बारे में मण्डी प्रशासन ने भी पूरी तरह मौन ही साधे रखा है।

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