एक माह होने को आया, अब तक नहीं आयी जाँच रिपोर्ट

 

(ब्यूरो कार्यालय)

केवलारी (साई)। जिले में किस तरह से निर्माण कार्य होते हैं यह किसी से छुपा नहीं है। ठेकेदार, प्रशासन के आदेशों को ताक पर रख मनमर्जी करते रहते हैं और अधिकारी उदासीन बने रहते हैं। ऐसा ही केवलारी में भी हो रहा है।

तहसील मुख्यालय केवलारी के स्नातकोत्तर महाविद्यालय में इमारत और बाउंड्री वाल के निर्माण में ठेकेदार द्वारा सारे कायदों को किनारे कर लापरवाही बरती जा रही है लेकिन अधिकारी इस ओर से नज़रें फेरे हुए हैं। इसके अलावा केवलारी एसडीएम जो कि कॉलेज के पदेन प्रशासक होते हैं, ने एक कमेटी बनाकर एक सप्ताह में रिपोर्ट तलब की थी लेकिन वह भी अब तक नहीं आयी है।

बताया जाता है कि इस मामले में जब शिकवे शिकायतें हुईं तो पीआईयू के अधिकारियों के सख्त निर्देश के बाद ठेकेदार ने निर्माण स्थल में एक फ्लेक्स लगा दिया गया है, जिसमें आधी अधूरी जानकारी दी गयी हैं। कॉलेज परिसर में दो निर्माण कार्य हो रहे हैं, जिसका अलग – अलग जिक्र होना था लेकिन ठेकेदार ने दोनों निर्माण कार्यों की लागत का एक साथ उल्लेख कर दिया है।

इस फ्लेक्स में दीवारों की मोटाई, लंबाई आदि का अलग – अलग उल्लेख होना था। इसके साथ ही निर्माण से जुड़ी दूसरी जानकारी पृथक से दी जाना चाहिये थी लेकिन वे नहीं दर्शायी गयी हैं। काम किन स्तरों पर पूरा किया जायेगा। गारंटी आदि की जानकारी भी इसमें चस्पा होना थी लेकिन वह इस फ्लेक्स में कहीं नहीं है। यह फ्लेक्स भी एक दीवार के पीछे ऐसे स्थान पर लगाया गया है जहाँ से वह आसानी से नज़र नहीं आता है।

प्रशासन का रवैया भी सुस्त : कॉलेज की जन भागीदारी समिति के पूर्व अध्यक्ष रवि बघेल ने कॉलेज में हो रहे निर्माण कार्यों में लापरवाही को लेकर एक शिकायत कॉलेज के प्रशासक एवं अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अमित सिंह से की थी जिसके बाद एसडीएम ने तीन सदस्यी एक दल का निर्माण कर कॉलेज निर्माण की जाँच किये जाने को कहा था।

29 सितंबर को जारी इस आदेश का अब तक पालन नहीं हो सका है। इस दल में सीईओ जनपद, तहसीलदार और सहायक यंत्री को शामिल किया गया है लेकिन इस दल ने लगभग तीन सप्ताह के बाद भी न तो जाँच की है और न ही रिपोर्ट दी है। इससे कहीं न कहीं यह संदेश जा रहा है कि प्रशासन ठेकेदार को बचाना चाह रहा है। कुछ दिनों में दीवारों पर प्लास्टर हो जायेगा जिसमें सारी लापरवाहियां छुप जायेंगी।

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