पीएससी से चयनित असिस्टेंट प्रोफेसरों को कॉलेज मिलने में लग सकता है समय

 

 

 

 

(ब्यूरो कार्यालय)

भोपाल (साई)। उच्च शिक्षा विभाग के सरकारी कॉलेजों के लिए पीएससी से चयनित असिस्टेंट प्रोफेसरों को कॉलेज आवंटन में फिलहाल समय लग सकता है। दरअसल, 91 महिला असिस्टेंट प्रोफेसरों को च्वाइस फिलिंग करने के निर्देश जबलपुर हाईकोर्ट ने दिए हैं।

अब विभाग की मंशा है कि इन 91 महिला असिस्टेंट प्रोफेसरों की च्वाइस फिलिंग कराकर एक साथ सभी को कॉलेज आवंटित किए जाएं। वहीं, असिस्टेंट प्रोफेसरों का मानना है कि जिन्होंने च्वाइस फिलिंग से लेकर दस्तावेजों का सत्यापन करा लिया है, उन्हें कॉलेज का आवंटन कर दिया जाना चाहिए।

दरअसल, आरक्षित वर्ग की होने के बावजूद अनारक्षित पदों पर चयनित 91 महिला असिस्टेंट प्रोफेसरों को भी च्वाइस फिलिंग की प्रक्रिया में शामिल कराने के निर्देश हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह उच्च शिक्षा विभाग को दिए हैं। साथ ही कहा है कि ये महिलाएं जिस वर्ग की हैं, उसी में वापस शामिल कर च्वाइस फिलिंग कराई जाए।

इस वजह से विभाग को लंबी मशक्कत करनी पड़ेगी और इन्हें च्वाइस फिलिंग करानी होगी। विभाग का मानना है कि इनकी च्वाइस फिलिंग कराकर दस्तावेजों के सत्यापन के बाद सभी को एक साथ कॉलेजों का आवंटन किया जाए।

वहीं, पीएससी से चयनित असिस्टेंट प्रोफेसरों के संघ के अध्यक्ष डॉ. प्रकाश खातरकर का कहना है कि जिन असिस्टेंट प्रोफेसरों के दस्तावेजों का सत्यापन और च्वाइस फिलिंग की प्रक्रिया पूरी हो गई है, उन्हें कॉलेज का आवंटन कर देना चाहिए। इससे प्रोफेसरों के बिना संचालित हो रहे कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर पढ़ाने पहुंच जाएंगे। इससे छात्रों को तो सीधा फायदा होगा ही असिस्टेंट प्रोफेसरों को ज्वाइनिंग के लिए इंतजार भी नहीं करना होगा।