घंसौर से अगले साल गुजर सकती हैं आधा दर्जन रेलगाड़ियां

 

 

 

 

(ब्यूरो कार्यालय)

जबलपुर (साई)। मुख्य रेलवे स्टेशन से गोंदिया तक ब्रॉडगेज रेलवे ट्रैक पर जल्द ही 6 से अधिक ट्रेनें दौड़ेंगी। रेलवे प्रशासन ट्रेनों को इस रूट पर दौड़ाने की कवायद में जुट गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार दक्षिण पूर्व रेलवे और पश्चिम मध्य रेलवे से शुरू होने और यहां से गुजरने वाली ट्रेनें इस रूट पर दौड़ेंगीं। इस रूट पर ट्रेनों के संचालन शुरू होने के बाद मंडला, बालाघाट और नैनपुर के यात्रियों को उत्तर भारत और दक्षिण भारत से सीधी ट्रेन कनेक्टिविटी मिल सकेगी।

जबलपुर से चलकर मंडुआडीह तक जाने वाली जबलपुर मंडुआडीह ट्रेन को इस रूट पर चलाने के लिए कवायद शुरू कर दी गई है। इसके लिए रेलवे बोर्ड को भी पत्र लिखा गया है। जानकारों की मानें तो जबलपुर से शुरू होकर दिल्ली जाने वाली महाकौशल एक्सप्रेस को भी जबलपुर से शुरू करने की बजाय नैनपुर या बालाघाट से शुरू करने की बात पर विचार किया जा रहा है। यदि ऐसा होता है, तो उक्त जिलों के यात्री सीधे दिल्ली तक की यात्रा कर सकेंगे।

इन ट्रेनों का भी हो सकता है संचालन : जानकारों की माने तो जबलपुर से शुरू होने वाली संघमित्रा एक्सप्रेस, जबलपुर त्रिवेन्द्रम और जबलपुर सिकंदराबाद ट्रेनों को भी इस रूट से जोड़ा जा सकता है। इसके साथ ही उत्तर भारत की ओर से आकर दक्षिण भारत की ओर जाने वाली ट्रेनों को इस रूट पर दौड़ाया जा सकता है।

यह है स्थिति : प्राप्त जानकारी के अनुसार जबलपुर से नैनपुर तक काम पूरा हो चुका है। वहीं नैनपुर से पादरीगंज के बीच काम जारी है। पादरीगंज से सामनपुर, बालाघाट और गोंदिया तक काम पूरा हो चुका है।

परियोजना एक नजर में : 229 किमी लम्बी है जबलपुर-गोंदिया ब्रॉडगेज परियोजना। 194.3 करोड़ रुपए है इलेक्ट्रिेफिकेशन योजना की लागत। 2016 में विद्युतीकरण योजना को मिली थी स्वीकृति।

नए टाइम टेबल में मिल सकती है जगह : रेलवे सूत्रों की माने तो वर्ष 2020 में रेलवे की ओर से नया टाइम टेबल घोषित किया जाएगा। इस टाइम टेबल में नई ट्रेनों को जगह मिल सकती है। इसमें जबलपुर, नैनपुर और बालाघाट की ट्रेनें शामिल हो सकती हैं।