एसटीएफ के हत्थे चढ़े दिलशाद के पास मिली करोड़ों की सम्पत्ति

 

 

 

 

(ब्यूरो कार्यालय)

जबलपुर (साई)। एम्स दिल्ली व एम्स भोपाल में नर्स की नौकरी लगवाने के नाम पर नर्सिंग छात्राओं से लाखों रुपए की ठगी मामले में गिरफ्तार मास्टरमाइंड दिलशाद को लेकर भोपाल एसटीएफ मंगलवार को शहर आई। लगभग छह घंटे तक एसटीएफ उसे लेकर शहर में मौजूद रही।

एसटीएफ उसे उसके अस्पताल, घर और मोहनिया स्थित फार्म हाउस ले गई। छानबीन में उसकी अकूत सम्पत्ति का खुलासा हुआ है। एसटीएफ ने नगर निगम से भी उसकी सम्पत्तियों की जानकारी मांगी है।

छह घंटे भोपाल एसटीएफ जबलपुर में रही

एसटीएफ एसआई आदित्य शर्मा ने बताया कि टीम रांझी वीकल निवासी दिलशाद को लेकर दोपहर दो बजे उसके अधारताल आदर्श नगर स्थित खिदमत अस्पताल पहुंची। यहां उसकी चौथी पत्नी फिरदौस खान से पूछताछ की गई। अब तक इस अस्पताल का तीन बार नाम बदला जा चुका है। यहां टीम ने अस्पताल के रजिस्ट्रेशन और चिकित्सक आदि से सम्बंधित जानकारी ली। इसके बाद टीम उसे लेकर उसके अलग-अलग घर पहुंची। यहां उसकी चारों पत्नियों, बेटों से भी पूछताछ की गई।

सात एकड़ में फार्म हाउस व डेयरी के साथ फैक्ट्री मिली

यहां की जांच में कई जमीनों की जानकारी मिली। पत्नियां व बेटों के नाम पर कई बैंक खाते मिले हैं। यहां से टीम उसे लेकर मोहनिया स्थित फार्म हाउस पहुंची। सात एकड़ में फैले इस फार्म हाउस में डेयरी व अगरबत्ती फैक्ट्री संचालित है। टीम ने इसके भी आय-व्यय सम्बंधी दस्तावेज खंगाले। उसके घर से नियुक्ति सम्बंधी कुछ और दस्तावेज भी मिले हैं, जिसे जब्त कर टीम अपने साथ ले गयी। दिलशाद का पुलिस रिमांड बुधवार को समाप्त हो रही है।

पिछले 20 वर्षों से भर्ती के नाम पर ठगी का जाल

एसटीएफ निरीक्षक शर्मा के मुताबिक छानबीन में पता चला है कि दिलशाद के खिलाफ वर्ष 2007 में ओमती में और 2006 में गढ़ा में फर्जी तरीके से एएनएम की नौकरी लगाने का झांसा देकर ठगी करने का प्रकरण दर्ज है। एसटीएफ इन पुराने प्रकरणों की भी जानकारी जुटा रही है। दिलशाद की पिछले 20 वर्षों से स्वास्थ्य विभाग में गहरी पैठ है। उसने जबलपुर सम्भाग में 900 से अधिक को एएनएम की नौकरी लगवाने के नाम पर चपत लगा चुका है।

ये है मामला

भोपाल एसटीएफ ने दिल्ली व भोपाल एम्स में नर्स की नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करने की शिकायत पर दिलशाद व भोपाल निवासी आलोक बामने को 16 अक्टूबर को डोडी से गिरफ्तार किया था। जबलपुर निवासी दिलशाद ने पांच शादियां की हैं।