मच्छरों को निमंत्रण दे रहा जिला चिकित्सालय!

 

 

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। जिलों में मच्छरों की रोकथाम के लिये स्वास्थ्य विभाग सदा ही दिशा निर्देश जारी करता रहा है किन्तु जिला चिकित्सालय में ही मच्छरों के लिये उपजाऊ माहौल तैयार होता दिख रहा है। एकाध दिन जिला अस्पताल में फॉगिंग मशीन अवश्य चलायी जा रही है पर इस तरह के प्रयास नाकाफी ही प्रतीत हो रहे हैं।

ज्ञातव्य है कि जिला चिकित्सालय सिवनी के प्रांगण में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला मलेरिया अधिकारी, सिविल सर्जन आदि के कार्यालय संचालित होते हैं। बावजूद इसके चिकित्सालय के अंदर की व्यवस्था की सुध लेना किसी को गवारा नहीं दिखता है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला चिकित्सालय परिसर में हल्की सी बारिश के उपरांत ही गड्ढों में पानी भर जाता है। सारी बारिश में यही आलम पसरा रहता है। पिछले दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण अस्पताल के अंदर डबरे, तालाबों का स्वरूप ले लेते हैं, जिनमें मच्छरों की उत्पत्ति की संभावनाओं से इंकार नहीं किया जा सकता है।

गौरतलब है कि मलेरिया विभाग द्वारा पिछले दिनों ही एक जागरूकता रैली निकालकर शहरवासियों को ताकीद किया गया था कि घरों के आसपास पानी एकत्र न होने दें। पानी एकत्र होने से मच्छरों के लिये उपजाउ माहौल तैयार हो जाता है।

जिला चिकित्सालय परिसर के अंदर जगह – जगह पड़े गंदगी के ढेर, पानी के पोखर, दवाओं के पैकेट, खाली रैपर, पॉलीथिन, बचा खाना आदि को देखकर न केवल मवेशी वरन् सूअर तक यहाँ कोहराम मचाते देखे जा सकते हैं। कुछ साल पहले तो एक नवजात को सूअर द्वारा उठाकर ले जाने की खबरें भी प्रकाश में आयीं थीं।

वस्तुतः अस्पताल के अंदर की व्यवस्थाएं सुचारू रूप से चलें इसकी जवाबदारी अस्पताल प्रशासन पर आहूत होती है। जिला चिकित्सालय का यह आलम तब है जब जिलाधिकारी प्रवीण ंिसंह के द्वारा लगातार ही जिला अस्पताल का निरीक्षण किया जा रहा है।

वहीं जिला मलेरिया अधिकारी का कार्यालय भी अस्पताल प्रांगण में है। जिला मलेरिया अधिकारी या उनके अधीनस्थ स्टाफ के साथ ही साथ नगर पालिका प्रशासन को भी इतनी परवाह नज़र नहीं आ रही है कि वे भी इन पोखरों, गड्ढों में भरे पानी में मच्छरों के न पनपने के लिये दवाओं का छिड़काव करवायें।